वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: शिकार और अतिक्रमण करने वाले 15 लोगों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

पुलिस की गिरफ्त में सभी आरोपी
महेंद्र विश्वकर्मा- जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर वनमंडल में वन्य प्राणी शिकार और वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले 15 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 तथा लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की सुसंगत धाराओं के अधीन कार्यवाही की गई। अपराधियों को वन अपराध दर्ज कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला बस्तर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय की ओर से सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल भेजा गया।
वन विभाग जगदलपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक आलोक कुमार तिवारी एवं वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में एवं उप वन मंडलाधिकारी जगदलपुर देवलाल दुग्गा एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी माचकोट सुमीत साहा के नेतृत्व में सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। सीसीएफ ने वन सुरक्षा को लेकर कहा कि वनों की सुरक्षा आज जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए बेहद जरूरी है। भविष्य की आने वाली पीढ़ियां जल जंगल जमीन का सतत रूप से लाभ ले सके इसके लिए वनों को सुरक्षा किया जाना आवश्यक है।
अपराध में होगी सख्त कार्रवाई
बस्तर वन मंडलाधिकारी ने बताया वन अपराधों को रोकने हेतु लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रकार के अपराध में लिप्त आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रोकने अनवरत प्रयास जारी
उप वन मंडलाधिकारी जगदलपुर ने बताया कि मैदानी अमला वनों की सुरक्षा के लिए लगातार गस्ती कर रहा है। विभाग के किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम लगातार सामने आ रहा है। वन अपराध में लिप्त सभी अपराधियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी।
ये अधिकारी और कर्मचारी रहे उपस्थित
इस कार्यवाही में मुख्य रूप से परिक्षेत्र सहायक बनसिंग कर्मा, बाबा राम कश्यप, बुधसन बघेल, लच्छूराम मरकाम, नरहरी कश्यप, परिसर रक्षक अरविंद कोर्राम, घुड़सा राम मंडावी, सुकुलधर बघेल, रमेश कुमार बघेल, राजाराम कश्यप, प्रमोद नेताम, जयदीप सिंह, मोहन भारती, सौरभ कश्यप एवं वन सुरक्षा श्रमिकों का विशेष सहयोग रहा।
