बजट से पहले पीएम को पत्र: बस्तर चेम्बर के अध्यक्ष श्याम सोमानी बोले- रेल, हवाई और कर राहत के बिना बस्तर का विकास अधूरा

बजट से पहले पीएम को पत्र
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बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्याम सोमानी 

बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्याम सोमानी ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर रेल, हवाई सेवा और कर राहत की मांग की।

अनिल सामंत- जगदलपुर। केंद्रीय बजट से पहले बस्तर के विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता में लाने की पहल करते हुए बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्याम सोमानी ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर रेल, हवाई सेवा, सड़क कनेक्टिविटी और कर राहत से जुड़ी बहुप्रतीक्षित मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट किया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि, बस्तर रेलवे को हर वर्ष केवल लौह अयस्क परिवहन से लगभग एक लाख करोड़ रुपये का मालभाड़ा राजस्व देता है। इसके बावजूद आज़ादी के 75 वर्षों बाद भी यात्री रेल सुविधाओं के मामले में बस्तर उपेक्षित बना हुआ है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि, रेल मंत्रालय का अधिकतर फोकस पड़ोसी राज्य ओड़िसा पर केंद्रित रहा है, जहां बीते दस वर्षों में कई नई रेल परियोजनाएं,रेल लाइनें और यात्री गाड़ियों की सौगात दी गई,जबकि बस्तर में दल्ली राजहरा–जगदलपुर जैसी बहुप्रतीक्षित रेल लाइन आज भी अधर में लटकी हुई है। प्रस्तावित नई रेल लाइनों, धमतरी से अमरावती (कोंडागांव), बचेली से बीजापुर होकर सूरजपुर (महाराष्ट्र), किरन्दुल से भद्राचलम, किरन्दुल से मनुगुरु तथा दंतेवाड़ा-सुकमा-मलकानगिरी पर भी ठोस पहल न होने पर चिंता जताई गई है।

नक्सलमुक्त क्षेत्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम
पत्र में यह भी रेखांकित किया गया है कि, नक्सलवाद के प्रभाव में लंबे समय तक पिछड़े रहे बस्तर को अब केंद्र सरकार द्वारा नक्सलमुक्त क्षेत्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में आने वाला समय निवेश और औद्योगिक विकास के लिए निर्णायक हो सकता है। बशर्ते बस्तर को आधारभूत ढांचे और कर प्रोत्साहन का वास्तविक लाभ मिले।

इन सुविधाओं को भोई पत्र में लिखा गया
पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि, बस्तर को कर-मुक्त प्रोत्साहन, मजबूत परिवहन नेटवर्क और समान कर ऑडिट व्यवस्था देकर मुख्यधारा के विकास से जोड़ा जाए, ताकि आदिवासी बहुल इस अंचल में रोजगार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सके। इस संबंध में बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्याम सोमानी ने पत्र भेजा है।

बस्तर के लिए प्रमुख मांगें
कर-मुक्त औद्योगिक प्रोत्साहन नक्सलमुक्त बस्तर में नए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए 10 वर्षों तक इनकम टैक्स हॉलीडे जोन (सेज) घोषित किया जाए,जिससे खनिज,कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिले और स्थानीय रोजगार सृजित हो। रेल परिवहन: दल्ली राजहरा–जगदलपुर रेल लाइन सहित रावघाट परियोजना से अंतागढ़–जगदलपुर रेल कार्य शीघ्र शुरू हो,साथ ही प्रस्तावित नई रेल लाइनों को स्वीकृति मिले।

बस्तर को हवाई सेवा से जोड़ा जाए
हवाई सेवा जगदलपुर–रायपुर उड़ान तत्काल बहाल हो तथा जगदलपुर से दिल्ली,मुंबई और कोलकाता के लिए नियमित विमान सेवा शुरू की जाए। सड़क कनेक्टिविटी भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर–विशाखापट्टनम मार्ग को जगदलपुर से जोड़ने के लिए बकावंड क्षेत्र में नया कनेक्टिविटी रोड बने और रायपुर से जगदलपुर (धनपुंजी) तक सड़क को छह लेन किया जाए। कर ऑडिट में समानता: आयकर और जीएसटी ऑडिट सीमा को समान रखते हुए 5 करोड़ रुपये तक निर्धारित किया जाए।

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