प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव: माँ लक्ष्मी-भगवान नारायण और नंदी की हुई प्रतिष्ठा, हवन-भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल

मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मंत्रोच्चार
अनिल सामंत - जगदलपुर। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर रेलवे कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण से भर उठा। तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के अंतर्गत मां लक्ष्मी-नारायण एवं नंदी देवता की प्रतिमाओं की वैदिक प्राण प्रतिष्ठा विधिपूर्वक सम्पन्न हुई। मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार, हवन और पूजन के दृश्यों ने श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति कराई।
विशेष पूजन और जलाधिवास से हुई शुरुआत
21 जनवरी से प्रारंभ हुए प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पहले दिन प्रतिमाओं का वैदिक जलाधिवास कराया गया। प्रतिमाओं को जल से भरे पात्र में विराजित कर विशेष पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद क्रमशः अन्य वैदिक विधियों की प्रक्रिया पूरी की गई।

बसंत पंचमी पर अन्नाधिवास
23 जनवरी को बसंत पंचमी के शुभ मुहूर्त में अन्नाधिवास एवं फलाधिवास की विधि के साथ देवी–देवताओं की पूजा-अर्चना हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आचार्य प्रकाश गोस्वामी के सानिध्य में लक्ष्मी-नारायण एवं नंदी देवता की प्राण प्रतिष्ठा विधिवत सम्पन्न की गई।

हवन, सुंदरकांड और भंडारे में उमड़ी भीड़
अनुष्ठान के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हवन में पूर्णाहुति दी। दोपहर में महिलाओं द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इसके बाद भंडारा और प्रसाद वितरण के दौरान मंदिर परिसर में लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।

मां सरस्वती की विशेष पूजा
बसंत पंचमी के अवसर पर मंदिर में विराजमान मां सरस्वती की विशेष पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने ज्ञान, विद्या और समृद्धि की कामना के साथ देवी के दर्शन किए।
