सड़क ठेकेदार के ठिकानों पर आईटी की रेड: बीआर गोयल की कंपनी राजमार्ग पुल और इमारत भी बनाती है

सड़क ठेकेदार के ठिकानों पर आईटी की रेड : बीआर गोयल की कंपनी राजमार्ग पुल और इमारत भी बनाती है
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सड़क ठेकेदार बीआर गोयल के ठिकानों पर आईटी की रेड पड़ी है। आयकर की टीम पाराघाट टोल प्लाजा स्थित में टोल ऑफिस में पहुंची है।

बिलासपुर। सड़क ठेकेदार बीआर गोयल के ठिकानों पर आईटी की रेड पड़ी है। आयकर की टीम पाराघाट टोल प्लाजा स्थित में टोल ऑफिस में पहुंची है और दस्तावेजों की जांच के साथ ही गोयल और उनके स्टाफ से पूछताछ की। 3 अलग-अलग गाड़ियों में पहुंचे अधिकारियों ने सारे दस्तावेज जब्त भी कर लिए हैं। यह कंपनी सड़क, राजमार्ग, पुल और इमारतों के निर्माण के साथ-साथ आरएमसी (रेडी मिक्स कॉन्क्रीट) की आपूर्ति, टोल कलेक्शन और आवासीय प्रोजेक्ट्स का संचालन करती है। इसके अलावा कंपनी देशभर में अलग-अलग इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में सक्रिय है।

आयकर विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इंदौर में भी अलग-अलग ठिकानों पर छापा पड़ा है। कंपनी के सपना-संगीता रोड स्थित कार्यालय और कंपनी के डायरेक्टर के घर पर जांच चल रही है। अधिकारियों के अनुसार इनकम टैक्स विभाग को कंपनी के कामकाज, बड़े पैमाने पर लेन-देन और टैक्स में गड़बड़ी से संबंधित सूचनाएं मिली थीं।

दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच
आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार सुबह ही इनकम टैक्स की टीम गोयल के सभी ठिकानों पर पहुंच गई थी। इस दौरान दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की विशेष रूप से जांच की जा रही है। इनकम टैक्स विभाग को कंपनी के कामकाज, बड़े पैमाने पर लेन-देन और टैक्स में गड़बड़ी की जानकारी पर छापेमारी हुई है। जानकारी के मुताबिक बीआर गोयल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड इंदौर की एक प्रमुख निर्माण और इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी है। कंपनी की स्थापना 1986 में हुई थी। 2005 में यह प्राइवेट लिमिटेड बनी और बाद में पब्लिक लिमिटेड कंपनी में परिवर्तित हुई।

एक महीने पहले 45 ठिकानों पर पड़ी थी रेड
गौरतलब है कि, इससे पहले भी छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की थी। करीब एक महीने पहले, 4 दिसंबर 2025 को आयरन और स्टील कारोबार से जुड़े व्यापारियों और उनसे संबंधित लोगों के कुल 45 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापा मारा था। यह कार्रवाई रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में की गई थी और करीब चार दिनों तक चली थी। उस दौरान आयकर विभाग के लगभग 200 अधिकारी कार्रवाई में शामिल थे। विभाग को 300 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का संदेह था, जिसके चलते यह व्यापक छापेमारी की गई थी। उस कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी। अब एक बार फिर सड़क ठेकेदार बी.आर. गोयल के ठिकानों पर हुई इस ताजा कार्रवाई से यह संकेत मिल रहे हैं कि आयकर विभाग प्रदेश में टैक्स चोरी और वित्तीय गड़बड़ियों के मामलों को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। आने वाले समय में इस छापेमारी से जुड़े और भी खुलासे सामने आ सकते हैं।

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