यूनिफॉर्म सप्लाई में अनियमितता: कमेटी बनी पर जांच नहीं, 17 लाख के गायब धागों का भी सुराग नहीं

यूनिफॉर्म सप्लाई में अनियमितता : कमेटी बनी पर जांच नहीं, 17 लाख के गायब धागों का भी सुराग नहीं
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File Photo 

हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित में करोड़ों रुपए की अनियमितता घटनाएं घटने के बाद भी विभाग इसे लेकर चिंतित नहीं है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित में करोड़ों रुपए की अनियमितता एवं गोदाम से लाखों रुपए के धागे गायब होने जैसी गंभीर घटनाएं घटने के बाद भी विभाग इसे लेकर चिंतित नहीं है। गणवेश की आपूर्ति में करोड़ों रुपए की अनियमितता का मामला सामने आया है, जिसकी जांच के लिए विभाग ने दिसंबर में एक कमेटी भी गठित की थी।

इस कमेटी को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करना था, लेकिन समय-सीमा खत्म होने के कई दिनों बाद भी कमेटी ने अभी तक इस मामले की जांच तक शुरू नहीं की है। इधर दूसरी ओर हथकरघा संघ के भनपुरी गोदाम से गायब हुए 17 लाख रुपए मूल्य के धागों का अब तक सुराग नहीं मिल पाया है। विभाग ने इस मामले में भी जांच के लिए कमेटी बनाई है, लेकिन इस कमेटी ने भी अब तक जांच शुरू नहीं की है।

स्टॉक से 3 लाख गणवेश की अतिरिक्त आपूर्ति
सूत्रों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र वर्ष 2025-26 में हथकरघा संघ द्वारा स्कूलों के बच्चों को कुल 57 लाख गणवेश सेट की आपूर्ति की जानी थी, लेकिन संघ के स्टॉक में कुल 28 लाख गणवेश सेट ही उपलब्ध था। इसके बाद भी संघ ने 31 लाख गणवेश की आपूर्ति करा दी। इस तरह स्टॉक में उपलब्ध गणवेश से 3 लाख ज्यादा सेट की आपूर्ति कराई गई, जिसकी कुल कीमत लगभग 9 करोड़ रुपए है। स्टॉक में उपलब्ध नहीं होने के बाद भी तीन लाख गणवेश सेट की आपूर्ति किए जाने का खुलासा ऑडिट के दौरान हुआ था। सूत्रों के अनुसार विभाग की लेखाधिकारी ने अतिरिक्त गणवेश की आपूर्ति में हुई अनियमितता को लेकर उच्च अधिकारी को जानकारी दी। इसके बाद इस मामले की जांच के लिए दिसंबर में एक कमेटी बनाई गई। अब्दुल अयाज खान की अध्यक्षता में बनी इस कमेटी को 15 दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कमेटी ने अभी तक जांच शुरू नहीं की है।

गोदाम से चोरी हुए 28 लाख कीमत के धागों की जांच के लिए कमेटी बनी
हथकरघा संघ के केन्द्रीय भंडारण निगम तीन के गोदाम से 9 हजार 6 सौ किलो धागा के 160 बंडल चोरी हो गए थे। इसकी कीमत करीब 28 लाख रुपये है। यह चोरी 22 जून 2024 को हुई थी, जिसकी रिपोर्ट खमतराई थाना में घटना के 5 महीनों के बाद 19 अक्टूबर 2024 में तात्कालिक गोदाम प्रभारी राजाराम देवांगन के शिकायत पर दर्ज कराई गई। एफआईआर के बाद पुलिस ने इस मामले में गोदाम में कार्यरत एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर 63 बंडल जब्त किए थे, जिसे उसने बेचे थे। शेष 97 बंडल अभी भी गायब है। पुलिस का कहना है कि जितने बंडल बरामद हुए हैं, चोर ने उतने बंडल ही चोरी करना कबूल किया है। शेष बंडल के बारे में पुलिस को भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इधर विभाग ने एफआईआर होने के पहले न ही इस मामले में कोई विभागीय जांच कराई और न ही एफआईआर होने के बाद शुरू हो पाई है, जबकि इसकी जांच के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है। इस कमेटी के बनने के बाद भी अब तक जांच शुरू नहीं हो पाई है।

जांच करने में कमेटी अफसरों की रुचि नहीं
गणवेश आपूर्ति में करोड़ों रुपए की अनियमितता और गोदाम से चोरी एवं गायब हुए धागा की जांच के लिए विभाग के अफसरों ने कमेटियां जरूर बना दी है, लेकिन इन दोनों मामलों की जांच करने के लिए न ही कमेटियां रूचि ले रही हैं, और न ही अफसर इसे लेकर गंभीर है। यही कारण है कि कमेटियों ने अब तक जांच शुरू नहीं किया है।

जांच शुरू करेंगे
हथकरघा संघ के जांच कमेटी अध्यक्ष अब्दुल अयाज खान ने बताया कि, दिसंबर में कमेटी बनाई गई है। जांच अभी शुरू नहीं की है। जल्द ही जांच शुरू करेंगे।

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