पांच बरस में पहली बार जनवरी में पारा हाई: हवा की दिशा बदलते ही छत्तीसगढ़ में रातें होंगी सर्द

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रायपुर। आमतौर पर आने वाला पश्चिमी विक्षोभ ठंड को प्रभावित करता है। इस बार प्रशांत महासागर में ला-नीना के प्रभाव से मौसमी व्यवधान कम हुआ इसलिए ठंड ने नवंबर से ही अपना असर दिखाया है, पर इस माह यानी जनवरी में इसकी शुरुआत ढीली रही है। पांच बरस में इस साल अभी तक यहां मौसम ज्यादा सर्द नहीं हुआ है। अलबत्ता हवा की दिशा बदलते ही ठंड बढ़ने और आने वाले दिनों में इसका जोरदार असर रहने का अनुमान है। अभी शीतलहर के दौर आएंगे। इस सीजन नवंबर में शीतलहर के हालात बने थे और दिसंबर भी अच्छी ठंड के साथ गुजरा है। जनवरी में आने वाले दिनों में अच्छी ठंड रहने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि, पिछली बार राज्य में ठंड सीमित दिनों के लिए अपना असर दिखा पाई थी। सामान्यतः ठंड का व्यापक असर उत्तरी हिस्से यानी सरगुजा संभाग में होता है। इस बार मध्य हिस्से में भी ठंडी हवाओं से लोगों की कंपकपी छूटी है। आने वाला पश्चिमी विक्षोभ अपने साथ नमीयुक्त हवा लेकर आता है जो तापमान में लुढ़कने से रोकता है। इस बार ऐसा विक्षोभ काफी कम संख्या में रहा जिससे ठंड की उपस्थिति लंबे समय तक प्रदेश हैं। इसकी वजह ला-नीना के प्रभाव को माना जा सकता है जिससे प्रशांत महासागर सामान्य से ठंडा है। इससे नवंबर के दौरान ही राज्य के शीतलहर की स्थिति बन गई थी। दिसंबर में सरगुजा संभाग के कई क्षेत्रों में पाला जमने और न्यूनतम तापमान एक-दो डिग्री तक पहुंच था। मध्य हिस्से यानी दुर्ग और रायपुर के कुछ हिस्सों में रात में कोल्ड-वे के हालात बने थे। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से जनवरी की तीन रातें सामान्य से ज्यादा तापमान के साथ गुजरा है। अब इसमें गिरावट आने का दौर शुरू होगा और शेष दिनों में ठंडा का खासा प्रभाव रहने की उम्मीद है।
पेंड्रा में तापमान कम
पिछले चौबीस घंटे में शुष्क हवा के कम होने की वजह से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। पेंड्रा को छोड़ बाकी सभी प्रमुख स्टेशनों में रात का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है। रायपुर का का तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री ज्यादा होकर 13.7 तक पहुंच गया था। अंबिकापुर में 1.2 डिग्री अधिक होकर 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पेंड्रा का न्यूनतम तापमान ही 7.6 था जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम रिकार्ड किया गया है।
शीतलहर की संख्या ज्यादा रहने के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डा. गायत्री वाणी कांचिभोटला ने बताया कि मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जनवरी में मध्य भारत के कुछ इलाकों पूर्वी उत्तर प्रदेश और अन्य हिस्सों में शीतलहर वाली रातों की संख्या अधिक रहने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो रही थी। इसका प्रभाव समाप्त होने के बाद अगले तीन दिनों में राज्य के न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री की गिरावट होने की वजह से ठंड बढ़ने का अनुमान है।
जनवरी में प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान
वर्ष | रायपुर | अंबिकापुर | पेंड्रा |
| 2021 | 12.0 | 6.0 | 6.5 |
| 2022 | 10.8 | 6.0 | 5.4 |
| 2023 | 10.1 | 4.6 | 6.0 |
| 2024 | 12.6 | 4.5 | 6.6 |
| 2025 | 11.8 | 4.1 | 5.0 |
