गिरौद गांव में बही बदलाव की बयार: जहां छलकते थे जाम, अब वहां बिखरेगी संस्कृति की छटा

विधायक अनुज शर्मा
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विधायक अनुज शर्मा ने विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया

धरसीवां विधायक अनुज शर्मा और मातृशक्ति की जुगलबंदी ने बदली गिरौद गांव की सूरत। अवैध शराब का अड्डे पर अब भव्य 'सांस्कृतिक रंगमंच' बन गया । ₹1.08 करोड़ के विकास कार्यों की मिली सौगात।

हेमंत वर्मा- धरसीवां। राजधानी से सटे धरसींवा विधानसभा का ग्राम पंचायत गिरौद बुधवार को एक ऐतिहासिक सामाजिक क्रांति का साक्षी बना है। करीब पांच हजार की आबादी वाले इस गाँव ने वह कर दिखाया है, जो पूरे प्रदेश के लिए एक नजीर है। यहाँ दशकों से जड़ जमाए अवैध शराब के कारोबार और असामाजिक तत्वों के आतंक को न केवल जड़ से उखाड़ फेंका गया है, बल्कि उस 'बदनामी के दाग' को 'संस्कृति के केंद्र' में तब्दील कर दिया गया है। क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और गाँव की 'मातृशक्ति' के साहस ने मिलकर गिरौद की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल दी है।

साहस की महागाथा : जब 'शक्ति' ने संभाला मोर्चा
बता दें कि, साल भर पहले जब विधायक अनुज शर्मा गिरौद के प्रवास पर थे, तब गाँव की महिलाओं ने आँखों में आँसू और मन में आक्रोश लिए उनसे शिकायत की थी। ग्रामीणों का कहना था कि गाँव के एक प्रमुख चौक पर अवैध शराब की बिक्री से पूरा माहौल दूषित हो चुका है और महिलाओं का घर से निकलना सुरक्षित नहीं है। विधायक श्री शर्मा ने इसे केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि अपनी बहनों के सम्मान की चुनौती माना। वे तत्काल महिलाओं के हुजूम के साथ मौके पर पहुँचे और स्वयं खड़े होकर उस अवैध शराब के अड्डे (अहाते) को ध्वस्त कराया। पुलिस को सख्त निर्देश देकर मौके पर ही कार्यवाही कराई गई, जिसने गाँव में एक नए विश्वास का संचार किया।


जहाँ बिकती थी शराब, अब वहाँ विराजेगी संस्कृति
विधायक अनुज शर्मा ने केवल समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि उस स्थान का कायाकल्प करने का संकल्प लिया। आज विधायक के विशेष प्रयासों और CSR मद के सहयोग से उसी स्थान पर एक भव्य 'शासकीय रंगमंच' बनकर तैयार है। जंहा आकर्षक स्वरूप में शानदार बाउंड्री वॉल, कलात्मक मंच और सुरक्षित वातावरण के साथ यह स्थल अब गाँव की नई पहचान बन चुका है। जिस स्थान पर कभी शराब की दुर्गंध आती थी, अब वहां माता रानी की स्थापना और गणपति उत्सव की धूम रहेगी। यह मंच अब गाँव के युवाओं के लिए कला प्रदर्शन और बुजुर्गों के लिए वैचारिक विमर्श का पवित्र स्थल बनेगा।

सम्मान से समझौता नहीं : अनुज शर्मा
लोकार्पण समारोह के दौरान विधायक अनुज शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा—आज गिरौद की इस पावन माटी पर खड़ा होकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है। यह रंगमंच केवल ईंट-गारे का ढांचा नहीं है, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर मातृशक्ति की विजय का विजय-स्तंभ है। एक दौर था जब यहाँ की हमारी माताओं-बहनों को सिर झुकाकर निकलना पड़ता था, लेकिन आज वे गर्व से सिर उठाकर अपनी संस्कृति का उत्सव मनाएंगी। जहाँ कल तक जाम छलकते थे, वहां अब भक्ति के स्वर गूँजेंगे और हमारी आने वाली पीढ़ी को संस्कार मिलेंगे।

श्री शर्मा आगे भावुक होते हुए कहा- गांव के ही यसवंत वर्मा जैसे भाइयों का हृदय परिवर्तन इस आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। गलत रास्ता छोड़कर मेहनत की राह चुनना ही सच्ची प्रगति है। मैं साफ कर देना चाहता हूँ कि धरसींवा के किसी भी गाँव में अवैध नशे का कारोबार और मेरी बहनों के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों की जगह सलाखों के पीछे होगी। विकास का यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है।


विकास का महाकुंभ: ₹1.08 करोड़ के कार्यों का उपहार
विधायक अनुज शर्मा ने गिरौद के सर्वांगीण विकास के लिए खजाना खोल दिया है। उन्होंने कुल ₹1,08,50,000 (एक करोड़ आठ लाख पचास हजार रुपये) के कार्यों की सौगात दी जिसमे भूमिपूजन करते हुए गाँव की आगामी जरूरतों को देखते हुए विधायक ने 75 लाख रुपये के नवीन कार्यों का विधि-विधान से पूजन किया। इसमें सीसी रोड, नाली निर्माण और सामुदायिक भवनों का विस्तार शामिल है। साथ ही लोकार्पण करते हुए (₹33.50 लाख) का रंगमंच और बाउंड्री वॉल सहित जो निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें जनता को समर्पित किया गया।

हृदय परिवर्तन : अपराध छोड़ मेहनत की राह
इस बदलाव की सबसे सुखद तस्वीर यसवंत वर्मा हैं। पूर्व में अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त रहे यसवंत ने विधायक की समझाइश को स्वीकार कर इस अवैध शराब की गंदी कार्य और शासन के विरुद कार्य की दुनिया से नाता तोड़ लिया। आज वे एक औद्योगिक इकाई में मजदूरी कर स्वाभिमान का जीवन जी रहे हैं। लोकार्पण कार्यक्रम में उनकी सक्रिय उपस्थिति 'बदलाव' की जीती-जागती कहानी कह रही थी।

इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
समारोह में बोहरही मण्डल अध्यक्ष श्री हरि शंकर वर्मा, सरपंच मधु जय किरण वर्मा, उपसरपंच समीर नायक, मनीष नायक, सुनील वर्मा, कमलेश वर्मा, विवेक निषाद, यशवंत वर्मा, अंकुर वर्मा, मुरली वर्मा, सहदेव नारंग सहित महिला पंचगण- धन्नू वर्मा, कुंती वर्मा, जास्मीन वर्मा, भोजकुमारी धीवर, संतोषी वर्मा, सावित्री वर्मा, इंदु गोस्वामी, मंजू सिन्हा, राधा वर्मा, शकुन्तला गजेंद्र, और गंगोत्री नायक,भोज कुमारी धीवर सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।

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