खड़का गांव में बनेगा जैव विविधता पार्क: पर्यटकों को दी जाएंगी सभी सुविधाएं, स्थानीय लोगों की आय में होगी बढ़ोत्तरी

खड़का गांव में बनेगा जैव विविधता पार्क : पर्यटकों को दी जाएंगी सभी सुविधाएं, स्थानीय लोगों की आय में होगी बढ़ोत्तरी
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खड़का गांव के लोग 

बस्तर के खड़का गांव में वन विभाग द्वारा खड़का क्षेत्र में जैव विविधता पार्क का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर्यटकों को सभी प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी।

महेंद्र विश्वकर्मा- जगदलपुर। बस्तर में वन विभाग द्वारा खड़का क्षेत्र में जैव विविधता पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इसके तहत वहां पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियां होंगी एवं बाहर से आने वाले पर्यटकों को लुभाने का एवं घूमने का बहुत ही अच्छा सुखद अनुभव उसे क्षेत्र में प्राप्त होगा। क्योंकि, इसी क्षेत्र में विशाल सालेमेटा जलाशय है, जो लगभग 1100 हेक्टेयर में फैला हुआ है।

शहरी लोग आज गांव की हरियाली और स्वच्छ वातावरण की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। जिसे देखते हुए विभाग द्वारा लोगों के रोजगार और जंगल की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए क्षेत्र में कैफेटेरिया का निर्माण जेट्टी बोट का संचालन का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। साथ ही आज के समय में भू-जल स्तर में आए कमी को देखते हुए तालाब निर्माण और छोटे-छोटे ट्रेंच का निर्माण किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक भूमि में जल का संचय किया जा सके एवं बाउंड्री वाल का निर्माण किया जाएगा। इन सब से वहां के लोगों के आजीविका एवं जीवन स्तर में बहुत अच्छी बढ़ोतरी होगी, क्योंकि उन्हीं लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे ताकि लोग अपने जीवन यापन को बहुत अच्छे ढंग से जी सके।


बोटिंग और कैफेटेरिया का होगा संचालन
वहां पर विभिन्न प्रकार की जो गतिविधियां होंगी, उसमें इन सब की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी, जैसे बोटिंग, कैफेटेरिया का संचालन हो गया है। इन सभी को एक समिति के माध्यम से वहां के क्षेत्रीय ग्रामीण को यह सब रोजगार के अवसर माहिया कराए जाएंगे। इसके साथ-साथ लोगों को चक्रीय निधि द्वारा विभिन्न प्रकार के कामकाज को करने के लिए जो राशि की आवश्यकता है वह भी वन विभाग द्वारा दिया जा रहा है। वह अन्य प्रकार की व्यवसाय भी उसे क्षेत्र में आसानी से कर सकें, उन्हें कहीं शहर जाने एवं रोजगार ढूंढने के लिए जरूरत नहीं है।

विकास बढ़ने की पूर्ण संभावना
भानपुरी के एसडीओ इंद्रप्रसाद बंजारे ने बताया कि वन विभाग द्वारा ग्रामीणों के साथ लगातार बैठक कर जानकारी दी गई है कि उस क्षेत्र में वन अधिकार पत्रधारियों एवं ग्रामीणों के अन्य किसी भी अधिकार का हनन नहीं किया जाएगा। परियोजना के क्रियान्वयन से आस-पास के क्षेत्रों में विकास बढ़ने की पूर्ण संभावना है।

ग्रामीणों को होगी आय
वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि परियोजना के संबंध में वन विभाग द्वारा ग्रामीणों से लगातार बैठक करके जानकारी दी गई है। प्रस्तावित परियोजना में जैव विविधता को बढ़ाने के लिए विदेशी खरपतवारों का उन्मूलन जैसे यूपिटोरियम ओडोराटा (जहाज लाटा, गंधरी बुटा) का समूल उन्मूलन करना, वनोपज प्रदान करने वाली प्रजातियों महुआ, चार, बेहड़ा, हर्रा, कुसुम आदि को बढ़ावा देना, वन अधिकार पत्रधारियों हेतु भू-जल में वृद्धि करने के उद्देश्य से भू-जल संरक्षण कार्य जैसे छोटे तालाब, कन्दूर ट्रेंच, मिनी परकोलेशन टैंक, बोल्डर चेकडेम आदि छोटी संरचनाओं का निर्माण करना एवं क्षेत्र में हो रहे अति चराई, जैविक दबाव को कम करने एवं सुरक्षा हेतु फेंसिंग कार्य प्रस्तावित है। इसके अलावा कोसारटेड़ा डैम में बोटिंग सुविधा का विकास कर प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को लगातार आय प्राप्त होगी। ईको टूरिजम का संचालन स्थानीय ग्रामीणों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे सतत आय की प्राप्ति होगी।

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