छत्तीसगढ़ में ट्रेंड बनी फेयरवेल की आड़ में रंगबाजी: सूरजपुर और बिलासपुर से भी आए ट्रैक्टर-कार के साथ स्टंट के वीडियोज

छत्तीसगढ़ में ट्रेंड बनी फेयरवेल की आड़ में रंगबाजी : सूरजपुर और बिलासपुर से भी आए ट्रैक्टर-कार के साथ स्टंट के वीडियोज
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फेयरवेल पार्टी के नाम मौत का खेल

बिलासपुर, सूरजपुर सहित कई जिलों में फेयरवेल पार्टी के नाम बच्चे स्टंट करते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं। यह सब रील बनाने के चक्कर में किया जा रहा है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों द्वारा गाड़ियों का स्टंटबाजी थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। बिलासपुर, सूरजपुर सहित कई जिलों में फेयरवेल पार्टी के नाम बच्चे स्टंट करते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं।

पहला मामला बिलासपुर जिले के सकर्रा शासकीय स्कूल का है। एक छात्र ने बीच मैदान में कार खड़ी कर दिया, तो दूसरे बच्चें ने ट्रैक्टर से स्टंट किया। ट्रैक्टर को रिवर्स गेयर में डालकर उलटा घुमा रहा था। इसी दौरान कार से ट्रैक्टर टकरा गया। यह सब रील बनाने के चक्कर में किया गया है।

स्कूल परिसर में स्टंट करने का वीडियो वायरल
वहीं सूरजपुर जिले भुनेश्वरपुर आत्मानंद स्कूल में फेयरवेल पार्टी के दौरान स्कूली छात्रों का ट्रेक्टर में साउंड बॉक्स के साथ गाड़ियों में स्टंट करते हुए स्कूल कैम्पस में इंट्री करने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जहां चार पहिया वाहन के सनरूफ और खिड़की से निकलकर छात्र बैठे नजर आए। जिससे कभी भी हादसा का आशंका बना रहता है। ऐसे में शिक्षा विभाग भी ऐसी हरकतों को रोकने के लिए स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक कर निर्देश देते नजर आते हैं। इसके बावजूद ऐसी तस्वीरें आए दिन सामने आते रहती हैं।

फेयरवेल पार्टी के बहाने हुड़दंग
कवर्धा जिले से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। जिसमें स्कूली नाबालिग बच्चे तेज रफ्तार कार चलाते और दरवाजे से बाहर लटककर स्टंट करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि, ये बच्चे हॉलिकिंग्डम स्कूल के हैं जो अपने फेयरवेल कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे और खुद ही कार चलाकर पहुंचे थे।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि, कार तेज गति में है और बच्चे खतरनाक तरीके से बाहर लटके हुए हैं। जरा सी चूक बड़ा हादसा बन सकती थी। यह ट्रैफिक नियमों का खुला उल्लंघन है और नाबालिग द्वारा वाहन चलाना मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में वाहन मालिक और अभिभावकों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।

खुद के साथ दूसरों की भी जान जोखिम में
फेयरवेल के उत्साह में बच्चों ने अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल दी। अब सवाल उठ रहा है कि, उन्हें वाहन चलाने की अनुमति किसने दी और जिम्मेदारी किसकी बनती है? देखना यह होगा कि, प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई कर रहा है।

स्कूली विदाई पार्टियां बनी रंगबाजी का जरिया
बलौदाबाजार जिले में स्कूली छात्रों द्वारा गाड़ियों में स्टंट करने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। फेयरवेल पार्टी के नाम पर छात्र चारपहिया वाहन और ट्रैक्टर में खतरनाक स्टंट करते हुए स्कूल परिसर तक पहुंच रहे हैं। कसडोल थाना क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर यह तीसरी घटना सामने आई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।



मिली जानकारी के अनुसार, मामला छेछर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल का है, जहां विदाई समारोह के दौरान छात्रों ने ट्रैक्टर और कार से स्टंट करते हुए स्कूल परिसर में एंट्री ली। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।

प्राचार्य की मौजूदगी के बावजूद छात्र बेखौफ
इससे पहले कटगी और कसडोल क्षेत्र से भी इसी तरह के वीडियो सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद छात्रों में न तो पुलिस का भय नजर आ रहा है और न ही स्कूल प्रशासन का। हैरानी की बात यह है कि, स्कूल के प्राचार्य की मौजूदगी के बावजूद छात्र खुलेआम स्टंट करते रहे, और न ही छात्रों में किसी प्रकार का डर दिखा, न ही पालकों की जिम्मेदारी नजर आई।

गंभीर सवालों के घेरे में है यह मुद्दा
लगातार सामने आ रहे ऐसे वीडियो यह सोचने पर मजबूर कर रहे हैं कि, आखिर स्कूलों में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा कौन निभा रहा है। अब देखना होगा कि, इस मामले में पुलिस और शिक्षा विभाग क्या कार्रवाई करता है।

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