चीन में चल रही ड्राइवरलेस कार की टेस्टिंग: उड़न छू नहीं उड़ने वाली कारों का सपना, भविष्य में संभव

File Photo
रुचि वर्मा- रायपुर। मर्सिडिज ने ड्राइवरलेस कार इजाद की है। हम इसकी टेस्टिंग चीन में ऑन रोड कर रहे हैं। यदि यह प्रयोग सफल हो जाता है तो चीन में ड्राइवरलेस कारें दौड़ती हुई मिलेंगी। वहां इसके लिए रेगुलेशन हैं। यदि भारत में नियम सपोर्ट करे तो हम यहां भी चालक रहित वाहन की टेस्टिंग करेंगे। यह कहना है मर्सिडिज के सेल्स एंड मार्केटिंग डिपार्टमेंट के वाइस प्रेसिडेंट ब्रेंडन सिसिंग का। वे रायपुर में कंपनी संबंधित एक कार्यक्रम का हिस्सा बनने पहुंचे थे।
उन्होंने मर्सिडिज के नए मॉडल सहित लग्जरी कारों के भविष्य पर हरिभूमि से विशेष चर्चा की। भविष्य की कारों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, दुनिया तेजी से बदल रही है। ये हो सकता है कि भविष्य में उड़ने वाली कार आए। फंतासी फिल्मों की तरह कारें हकीकत में बदल जाए, इसकी संभावना से इनकार नहीं कर सकते हैं। ड्राइरवलेस कारों की कभी कल्पना की जाती थी, अब ये आ गई हैं।
लग्जरी गाड़ियां फायनेंस में
सिसिंग का मानना है कि इंस्टाग्राम रिल्स, सोशल साइट्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के कारण लग्जरी कारों का मार्केट बदला है। एक समय था, जब लोग बचत करके परिपक्व होने पर लग्जरी कारें खरीदा करते थे। अब ऐसा नहीं है। सोशल साइट्स और खासकर रिल्स में बेहतर दिखने की चाह में कम उम्र में ही लोग कार खरीदने लगे हैं। भले ही इसके लिए उन्हें फाइनेंस का सहारा क्यों ना लेना पड़े। यही वजह है कि मर्सिडिज जैसी बड़ी कंपनियां भी आसानी से फायनेंस उपलब्ध कराती हैं। जिन गाड़ियों की हाल-फिलहाल में बिक्री हुई है, उनमें से 80 प्रतिशत गाड़ियां फायनेंस वाली ही हैं। इंस्टाग्राम रिल्स, सोशल साइट्स के बढ़ते प्रभाव के कारण हम सभी प्लेटफॉर्म पर अपनी मौजूदगी सुनिश्चित करने की कोशिश करते हैं।
भारत में ग्राहकों से जुड़ना अधिक महत्वपूर्ण
साउथ अफ्रीका में जन्मे और मलेशिया, जर्मनी सहित कई देशों में अपनी सेवाएं दे चुके सिसिंग अन्य देशों की तुलना में भारत में मार्केटिंग स्ट्रेटजी में अंतर पाते हैं। उनका कहना है कि भारत में मार्केटिंग के अन्य पहलुओं पर ध्यान देने के साथ-साथ ग्राहकों से जुड़ना अधिक महत्वपूर्ण है। इसके लिए अनुशासन जरूरी है। भारतीय बाजारों में रचनात्मकता दिखाते हुए बेंच मार्क सेट करना अधिक महत्वपूर्ण है।
