बिजली उपभोक्ताओं से दिसंबर में भी डबल वसूली: दो सौ यूनिट तक राहत पर एफपीपीएएस की आफत

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रायपुर। प्रदेशभर के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को एफपीपीएएस शुल्क में अभी कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। इसमें लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में हर माह डबल झटका लग रहा है। जनवरी में जो दिसंबर का बिल आ रहा है, उसमें भी एफपीपीएएस शुल्क का डबल झटका लगा है। ऐसे में दिसंबर की बिजली साढ़े 13 फीसदी महंगी हो गई है। आने वाले समय में इसमें और इजाफा होने की संभावना है। बिजली का नया टैरिफ बीते साल जुलाई से लागू होने के कारण वैसे ही बिजली महंगी हो गई। ऐसे में जब बीते साल अगस्त के बिल के समय एफपीपीएएस शुल्क तय हुआ तो यह 14.20 प्रतिशत आया।
ऐसे में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने इसका आधा 7.10 फीसदी ही अगस्त के बिल में वसूली करने का फैसला किया। ऐसे में जब सितंबर में अगस्त का बिल आया तो इसमें टैरिफ के साथ ही 7.10 फीसदी के हिसाब से एफपीपीएएस शुल्क लगा। इस माह तो राहत मिल गई लेकिन सितंबर में फिर से एफपीपीएएस तय किया गया तो 9.46 फीसदी आया। ऐसे में इसका 2.46 फीसदी ही सितंबर के बिल के साथ वसूला गया, लेकिन इसी के साथ अगस्त का पुराना सात फीसदी शुल्क भी लिया गया। अक्टूबर में जो सितंबर का बिल आया, उसमें एक तरफ जहां 2.46 फीसदी एफपीपीएएस शुल्क लिया गया, वहीं पुराना सात फीसदी शुल्क एडजस्टमेंट कास्ट के रूप में लिया गया। इसके बाद दिसंबर में जो नवंबर का बिल आया इसमें 12 फीसदी एफपीपीएएस शुल्क का झटका लगा। नवंबर में अक्टूबर का 9.59 फीसदी और नवंबर का 2.41 फीसदी शुल्क दिसंबर के बिल में लिया गया।
जनवरी में भी बड़ा झटका
अब नए साल के पहले माह जनवरी में जो दिसंबर का बिल आ रहा है, उसमें 13.64 फीसदी एफपीपीएएस शुल्क लिया जा रहा है। इसमें जहां 5.43 फीसदी पुराना शुल्क है, वहीं दिसंबर का 8.21 फीसदी शुल्क शामिल है। दिसंबर में एफपीपीएएस शुल्क 16.42 फीसदी तय हुआ है। इसमें से आधा दिसंबर के बिल के साथ लिया जा रहा है। बचा आधा 8.21 फीसदी शुल्क जनवरी के बिल में लिया जाएगा। फरवरी में जब जनवरी का बिल आएगा तो उसमें पुराना 8.21 फीसदी शुल्क और जनवरी का नया शुल्क भी लिया जाएगा तो ऐसे में अगले माह भी डबल झटका लगेगा।
