हादसे को न्यौता देता जगदलपुर नगर निगम: नालियों और सीवरेज टैंकों के नीचे बिछी पाइपलाइन, 17 महीने से नहीं हुई है मेन पानी टंकी की सफाई

हादसे को न्यौता देता जगदलपुर नगर निगम : नालियों और सीवरेज टैंकों के नीचे बिछी पाइपलाइन, 17 महीने से नहीं हुई है मेन पानी टंकी की सफाई
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पानी टंकी 

जगदलपुर जिला मुख्यालय की स्थिति तो और भी भयावह है, जहां अनेक वार्डों में पेयजल पाइपलाइन नालियों के भीतर, सीवरेज टैंकों के नीचे और उनके समांतर दिशा में बिछाई गई है।

अनिल सामंत- जगदलपुर। इंदौर में गंदे पानी के सेवन से हुई मौतों ने पूरे देश को झकझोर दिया है, लेकिन छत्तीसगढ़ के कई शहर अब भी उसी खतरनाक रास्ते पर चलते दिख रहे हैं। जगदलपुर जिला मुख्यालय की स्थिति तो और भी भयावह है, जहां अनेक वार्डों में पेयजल पाइपलाइन नालियों के भीतर, सीवरेज टैंकों के नीचे और उनके समांतर दिशा में बिछाई गई है। न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी अघनपुर की कई लाइनों में यह स्थिति प्रत्यक्ष रूप से देखी जा सकती है, जबकि शहर के अन्य क्षेत्रों में भी यही हाल है।

इंदौर हादसे के बाद प्रदेश स्तर पर अलर्ट जारी हो चुका है और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति की समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई अब भी चिंता बढ़ाने वाली है। जगदलपुर में लोगों तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए बनाई गई मुख्य जल टंकी के आसपास गंदगी पसरी हुई है। टंकी से पानी सप्लाई करने वाला वाल्व लगातार गंदे पानी में डूबा रहता है, जिससे दूषित जल के पाइपलाइन में प्रवेश की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मुख्य टंकी की नियमित सफाई तक नहीं की जा रही। 22 फरवरी 2024 के बाद 21 जुलाई 2024 को एक बार सफाई हुई, लेकिन उसके बाद वर्ष 2025 में एक बार भी टंकी की सफाई नहीं कराई गई। यानी करीब 17 माह से उसी टंकी का पानी शहरवासियों के घरों तक पहुंच रहा है।


जनप्रतिनिधि और अधिकारी नहीं दे ध्यान
निगम के जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस गंभीर लापरवाही पर अब तक नहीं पड़ी, जबकि मौके पर मौजूद कर्मचारी लगातार विभाग को स्थिति से अवगत करा रहे हैं। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि लोगों तक पहुंच रहा पानी वास्तव में कितना शुद्ध है और कहीं यह आने वाले समय में किसी बड़े हादसे की भूमिका तो नहीं बना रहा। इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग (नगर प्रशासन) के प्रभारी अरुण साव द्वारा प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के समस्त आयुक्त, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत के मुख्य कार्य पालनअधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

नालियों के नीचे पानी और टंकी में गंदगी
शहर के कई वार्डों में पेयजल पाइपलाइन नालियों और सीवरेज टैंकों के भीतर व नीचे से गुजर रही है, जिससे रिसाव की स्थिति में गंदा पानी सीधे सप्लाई लाइन में मिल सकता है। न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी अघनपुर सहित अन्य इलाकों में यह स्थिति प्रत्यक्ष दिखाई देती है। मुख्य जल टंकी के आसपास भारी गंदगी है और सप्लाई वाल्व गंदे पानी में डूबा रहता है। 22 फरवरी 2024 के बाद 21 जुलाई 2024 को एक बार सफाई हुई, लेकिन उसके बाद 17 माह से टंकी की सफाई नहीं हुई। कर्मचारी लगातार सूचना दे रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता बनी हुई है। इंदौर हादसे के बाद जारी अलर्ट के बावजूद यदि तत्काल सुधार नहीं हुआ,तो यह लापरवाही किसी बड़े जनस्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।


वार्डों में पाइप लाइन की जांच की जाएगी
इस पूरे मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा ने कहा कि, शहर का मुख्य सप्लाई सेंटर की टँकी की सफाई के लिए 15 दिन पहले टेंडर जारी हुआ था। टँकी की सफाई पूरी हो गई है। शहर में पानी सप्लाई के लिए जो पाइप लाइन बिछाई गई है,उसका सर्वे कर जांच के निर्देश दिए गए है। नगरीय निकाय सचिव ने सभी क्षेत्रों के पाइप लाइन जांच के निर्देश दिए गए है।

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