बीमार हाथी ने उपचार के दौरान तोड़ा दम: USTR टीम के प्रयास नाकाम, 7 दिन संघर्ष के बाद घायल हाथी की मौत

injured elephant death
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इलाज के दौरान गिरे कमजोर हाथी की अंतिम झलक

उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व में उड़ीसा से आए 10-12 वर्षीय बीमार हाथी ने 7 दिनों तक चले उपचार के बाद दम तोड़ा, डॉक्टरों और USTR टीम के प्रयास नाकाम रहे।

सौम्या यादव - धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व में बीते दिनों उड़ीसा से भटके एक बीमार हाथी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। वन विभाग, USTR टीम और विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लगातार सात दिनों तक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण हाथी को नहीं बचाया जा सका। घटना ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर कई सवाल भी खड़े किए हैं।

हाथी की हालत शुरू से ही गंभीर थी
रिज़र्व में पहुंचते ही हाथी की कमजोरी और भोजन न करने जैसी गंभीर स्थिति सामने आई। लगभग 10-12 वर्ष के इस हाथी को वन विभाग की टीम ने निगरानी में रखा और उपचार लगातार जारी रहा।

USTR टीम ने जोखिम उठाकर कराई दवाई
उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व (USTR) की टीम ने दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर हाथी को दवाएं खिलाईं और उसकी स्थिति सुधारने का प्रयास किया। टीम के सदस्य कई बार सीधे हाथी के बेहद पास जाकर दवाई देते रहे, जो स्वयं में खतरनाक था।

15 जनवरी को अचानक बिगड़ी तबीयत
15 जनवरी को हाथी की तबीयत अचानक और ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद जंगल सफारी और कानन पेंडारी के विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाया गया। सभी ने मिलकर आपात उपचार शुरू किया, मगर हाथी का शरीर साथ नहीं दे सका।

7 दिन की जंग के बाद मौत
लगातार कोशिशों के बावजूद अंत में हाथी ने दम तोड़ दिया। वन विभाग ने बताया कि बीमारी पहले से बहुत गंभीर थी और कमजोर शरीर इलाज का भार सहन नहीं कर सका।

वन विभाग ने जताया दुख
वन अधिकारियों और डॉक्टरों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि, बचाव टीम ने पूरी क्षमता से प्रयास किए, लेकिन हाथी को बचाया नहीं जा सका।

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