खनिज सचिव पी. दयानन्द की प्रेस वार्ता: बोले- छत्तीसगढ़ लिथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बना

खनिज सचिव पी. दयानन्द की प्रेस वार्ता
रायपुर। खनिज विभाग के सचिव पी. दयानन्द ने बताया कि छत्तीसगढ़ लिथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। केन्द्र सरकार द्वारा कोरबा जिले के कटघोरा तहसील अन्तर्गत लिथियम और दुर्लभ खनिज की नीलामी की गयी है। राज्य में लिथियम खदान खुलने से स्थानीय बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वर्तमान परिदृश्य में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मेनरल्स की महत्ता काफी बढ़ गई है, जिसके दृष्टिगत छत्तीसगढ़ राज्य के सुकमा तथा बस्तर जिले के बेंगपाल एलिंगनार कोमाकोलेंग क्षेत्र में लीथियम, नियोबियम, टेंटेलम तथा आरईई खनिज की खोज के लिए अधिसूचित प्राइवेट सेक्टर एक्सप्लोरेशन एजेंसियों के माध्यम से एनएमईटी के तहत 1 परियोजना स्वीकृत की गई है।
प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के दो साल के कार्यकाल का सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह के साथ पत्रकार वार्ता में मौजूद सचिव, भौमिकी एवं खनिकर्म पी. दयानंद ने लेखा-जोखा दिया। सचिव ने बताया कि योजनाबद्ध खनन नीतियों से राज्य के खनिज राजस्व में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। खनिज विभाग के सचिव पी. दयानन्द ने कहा, राज्य गठन के समय 429 करोड़ खनिज राजस्व में वृद्धि करते हुये अपने रजत जयंती वर्ष 2024-25 तक 14,592 करोड़ हो गया है। चालू वित्तीय वर्ष में माह दिसम्बर तक खनिजों से लगभग 10,345 करोड़ राजस्व प्राप्त हो चुका है एवं वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक लगभग 17,000 करोड़ लक्ष्य की पूर्ति हेतु अग्रसर है। छत्तीसगढ़ राज्य देश में कुल खनिज उत्पादन का औसतन 17 प्रतिशत हिस्सेदारी में योगदान है तथा राज्य के कुल सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत योगदान दे रहा है।
क्रिटिकल मिनरल्स की खोज पर फोकस
उन्होंने कहा, केन्द्र सरकार द्वारा खनिज अधिनियम में संशोधन करते हुए. देश में खनिजों की खोज हेतु राष्ट्रीय खनिज खोज विकास न्यास (एनएमईडीटी) गठन किया गया। उक्त न्यास मद में वर्ष 2015-16 से अब तक माह दिसम्बर 2025 तक 1,159 करोड़ रुपये जमा किया जा चुका है। सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री के मंशानुसार क्रिटिकल मिनरल्स को विकसित भारत 2047 की दृष्टिगत में अति-महत्वपूर्ण माना गया है। भारत सरकार द्वारा नेशनल क्रिटिकल मिशन लागू किया गया है। जिससे क्रिटिकल मिनरल्स की खोज एवं दोहन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
डीएमएफ से मिला 16 हजार करोड़ से अधिक का अंशदान
सचिव ने बताया कि खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी प्रधानमंत्री खनिज कल्याण क्षेत्र योजना गाईड लाईन-2024 के मार्गदर्शी सिद्धांतों को आत्मसात कर छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान व्यास नियम में संशोधन किये गये है। अब तक डीएमएफ अन्तर्गत 16,742 करोड़ का अंशदान प्राप्ति हुई है, जिसका खनन प्रभावित क्षेत्रों/लोगों के विकास हेतु 1.07,689 कार्यों की स्वीकृति की गई है, जिसमें से 75,901 कार्य पूर्ण हो गये है तथा शेष प्रगतिरत है। उन्होंने बताया कि डीएमएफ निधि के समायोजन द्वारा कुल जिला खनिज संस्थान अन्तर्गत होने वाले कार्यों का समुचित निगरानी, वित्तीय स्वीकृति, प्रबंधन एवं नियंत्रण एवं उत्तरदायिता के साथ कार्य किये जाने हेतु केन्द्र सरकार के डीएमएफ पोर्टल की भांति राज्य डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किया गया है।
भविष्य की कार्ययोजना
पिछले 2 वर्षों में सीएमडीसी के द्वारा नवीन आयाम स्थापित किये है। वहीं भविष्य के परियोजनाओं को अपेक्षित गति प्रदान करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सीएमडीसी भी सहभागिता निभाने का प्रयास कर रही है। टिन खनिज के लिए नॉन ऑपरेशन खदान को लैप्स घोषित किया गया एवं केन्द्र सरकार के माध्यम से नीलामी की कार्रवाई प्रचलन में है। आगामी 2 से 3 वर्षों में खदान प्रारंभ होने से भविष्य में खनन एवं निकासी से राज्य शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। टिन स्लैग में अवस्थित टेंटलम्, नियोबियम एवं अन्य को निष्कर्षण की कार्ययोजना तैयार कर पायलट परियोजना प्रारंभ की जा रही है।
