राशन दुकानों से खाली हाथ लौट रहे बीपीएल कार्डधारी: इस माह 27 हजार क्विंटल चावल की जरूरत, गोदाम में सिर्फ 7 हजार क्विंटल का स्टॉक

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रायपुर। रायपुर की उचित मूल्य की दर्जनों दुकानों में बीपीएल कोटे का चावल ही नहीं है, जिसके बीपीएल हितग्राहियों को भी दुकानों से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। चावल नहीं मिलने की मुख्य वजह छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम (नान) रायपुर के गुढ़ियारी एवं मंदिर हसौद में खपत के अनुसार बीपीएल चावल के स्टॉक की कमी होना है। विभागीय सूत्रों से पता चला है कि चालू महीने में लगभग 20 हजार क्विंटल बीपीएल कोटे का चावल बांटा जाना है, लेकिन नान के गुढ़ियारी एवं मंदिर हसौद स्थित गोदाम में सिर्फ 7 हजार क्विंटल बीपीएल चावल का ही स्टॉक बचा है। इसके कारण राशन दुकानों में चावल का भंडारण करने में कोताही बरती जा रही है।
हरिभूमि ने सोमवार को राजधानी की कई उचित मूल्य दुकानों की पड़ताल की। इस दौरान अनेकों दुकानों में बीपीएल चावल ही नहीं मिला। इन दुकानों के संचालकों ने बताया कि भंडारण के लिए नान में डिमांड किए कई दिन हो चुके हैं। इसके बाद भी चावल का भंडारण नहीं किया जा रहा है। चावल नहीं होने के कारण हितग्राहियों को वापस लौटाना पड़ रहा है। जिन दुकानों में चावल नहीं पहुंचा हैं उनके संचालकों का यह भी कहना है कि चालू माह को खत्म होने में अब मात्र 11 दिन ही शेष बचे हैं। इसमें भी दो दिन अवकाश में चले जाएंगे। इस तरह 9 दिनों में ही उन्हें शेष हितग्राहियों को चावल वितरण करना है। अगर समय पर चावल का भंडारण नहीं किया गया तो कई हितग्राहियों को इस महीने चावल से वंचित होना भी पड़ सकता है, क्योंकि महीना खत्म होने के बाद उस माह का राशन बांटने का ऑप्शन ही साफ्टवेयर में नहीं है।
अतिरिक्त प्रभार के कारण अफसर भी बरत रहे लापरवाही
राजधानी होने के बावजूद रायपुर जिले के नागरिक आपूर्ति निगम में पिछले सालभर से अतिरिक्त प्रभार के रूप में अफसरों को कमान सौंपे जाने के कारण भी राशन दुकानों में खाद्यान्न सामग्रियों के भंडारण कराने में कहीं न कहीं कोताही बरती जा रही है। वर्तमान में नान रायपुर की जिम्मेदारी अलका शुक्ला को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपा गया है, जबकि वह बेमेतरा जिला नान का दायित्व भी संभाल रही है। अलका शुक्ला के पहले महासमुंद के नान डीएम को अतिरिक्त प्रभार के रूप में रायपुर नान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके कार्यकाल में भी राशन दुकानों में भंडारण की समस्या बनी हुई थी, जो अभी भी बनी हुई है।
इन दुकानों में कहीं बीपीएल, तो कहीं एपीएल- बीपीएल दोनों चावल नहीं
रायपुर शहर के दो दर्जन से अधिक दुकानों में कहीं बीपीएल तो कहीं एपीएल और बीपीएल दोनों चावल खत्म हो चुके थे। इन दुकानों के संचालक लगातार नान के गोदाम प्रभारियों से लेकर क्षेत्र के खाद्य निरीक्षकों को वाट्सप ग्रुप के माध्यम से भी चावल खत्म होने की जानकारी देते हुए तत्काल भेजने की मांग की गई है, लेकिन इसके बाद भी इन दुकानों अब तक चावल का भंडारण नहीं हो पाया है। जिन दुकानों में चावल खत्म हो चुका हैं, उनकी आईडी क्रमांक- 1305, 6017, 1337, 6009, 1276, 6013, 6015, 6011, 1104, 1261, 1348, 1284, 1042, 1277, 1021 सहित अन्य कई दुकानें शामिल है। इनमें से कुछ दुकानों में शक्कर और नमक भी खत्म हो चुका है।
सर्वाधिक 718 दुकानें जिले में इसके बाद भी अतिरिक्त प्रभार
प्रदेश में सबसे अधिक राशन दुकानें रायपुर जिले में संचालित है। यहां दुकानों की कुल संख्या 718 है। इसके बाद भी नागरिक आपूर्ति निगम रायपुर में डीएम पद पर अफसरों को यहां अतिरिक्त प्रभार के रूप में जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि अन्य जिलों की तुलना में सबसे ज्यादा राशन दुकानें भी यहीं संचालित है। दो जिले का प्रभार होने के कारण अफसर भी हफ्ते के 5 वकिंग दिनों में बमुश्किल से 3 दिन ही रायपुर आ पाते हैं। वह भी कभी हाफ टाईम के बाद तो कभी फस्ट हाफ में आकर लौट जाते हैं।
दुकान संचालकों को गुस्से का शिकार होना पड़ता है
छत्तीसगढ़ पीडीएस संघ के अध्यक्ष नरेश बाफना ने बताया कि, भंडारण समय पर नहीं होने से दुकान संचालकों को हितग्राहियों एवं जनप्रतिनिधियों के गुस्से का शिकार होना पड़ता है, साथ ही अधिकारियों की नाराजगी फटकार भी सहन करते है, जबकि धीमी सप्लाई के कारण दुकानों में खाद्यान्न बंट नहीं पाता।
एक दो दिन में हो जाएगी आपूर्ति
रायपुर खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि, एक-दो दिन में चावल की आपूर्ति हो जाएगी। इसके बाद दुकानों में मांग के अनुसार भंडारण होने लगेगा।
