बीजापुर के सुदूर इलाकों में पहुंचा प्रशासन: कलेक्टर और CEO ने सीमावर्ती गांवों का निरीक्षण कर लिया जायजा

ग्रामीणों से बातचीत करते बस्तर कलेक्टर
गणेश मिश्रा- बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर के नक्सलियों के अधिकार क्षेत्र से नक्सलवाद काम होता जा रहा है, वैसे-वैसे अब इन इलाकों में विकास कार्य भी दस्तक देने लगे हैं। बीजापुर में तेलंगाना सीमा से लगे ऐसे गांव जहां पर आज तक कोई प्रशासनिक हमला नहीं पहुंच पाया था। उन इलाकों में पहली बार कलेक्टर और CEO जिला पंचायत अपने पूरे प्रशासनिक अमले के साथ पहुंचे थे।
शासन- प्रशासन और सरकार के इस गांव में दस्तक देते ही विकास कार्यों के रास्ते भी अब खुलने लगे हैं। अफसरों से कभी कॉफी खाकर भागने वाले ग्रामीण अब कलेक्टर और प्रशासनिक अमले को देखकर मूलभूत सुविधाओं की मांग भी करने लगे हैं। ऐसी ही तस्वीर बीजापुर के धुर नक्सल प्रभावित गांव कांचाल से आई है। इसी गांव में 2013 में एक बड़ी मुठभेड़ हुई थी और इस मुठभेड़ में आंध्र के ग्रेहाउंड्स के सर्कल इंस्पेक्टर की हत्या नक्सलियों ने कर दी थी।

इन जगहों का किया निरीक्षण
बीजापुर के ग्राम पंचायत कंचाला एवं पालागुड़ा में नव स्थापित सीआरपीएफ कैंप का कलेक्टर संबित मिश्रा एवं सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे द्वारा पहली बार दौरा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने आश्रित ग्राम गुंडराजगुड़ा, पालागुड़ा एवं बोमेड़ का भी भ्रमण कर आंगनवाड़ी, स्कूल एवं सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
स्कूली बच्चों से मुलाकात कर सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्राम गुंडराजगुड़ा, पालागुड़ा एवं बोमेड़ में स्कूली बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर शिक्षा, सुविधाओं एवं उनकी आवश्यकताओं को लेकर चर्चा की। अधिकारियों ने बच्चों के साथ मध्यान्ह भोजन भी किया और भोजन की गुणवत्ता व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से ग्रामीणों में सकारात्मक संदेश गया। ग्रामीणों द्वारा पेयजल की समस्या की जानकारी दिए जाने पर कलेक्टर ने एक सप्ताह के भीतर सभी ग्रामों में हैंडपंप स्थापित करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए। साथ ही सभी पात्र हितग्राहियों को तत्काल राशनकार्ड वितरण करने तथा राशनकार्डधारियों को ट्रैक्टर के माध्यम से परिवहन कर गांव में ही खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बीजापुर में तेलंगाना सीमा से लगे इलाकों में पहली बार कलेक्टर और CEO जिला पंचायत अपने पूरे प्रशासनिक अमले के साथ पहुंचे और योजनाओं का निरीक्षण किया। pic.twitter.com/jc2UhC5S9d
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 22, 2026
स्कूल और आंगनबाड़ी भवन का निर्माण शीघ्र करने के निर्देश
कलेक्टर एवं सीईओ द्वारा स्वीकृत सभी शाला भवनों एवं आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त ग्राम गुंडराजगुड़ा में वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत वन भूमि सर्वे अब तक पूर्ण नहीं होने पर उसे शीघ्र पूरा कर ग्राम स्तरीय समिति में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से सभी नागरिकों के वोटर आईडी, आधार कार्ड एवं बैंक खाता खोलने हेतु विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश भी जारी किए गए। दूरस्थ एवं संवेदनशील अंचलों में प्रशासन की यह सक्रिय उपस्थिति विकास कार्यों को गति देने, शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
