गणतंत्र दिवस पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ध्वजारोहण: कर्रेगुट्टा पहाड़ी समेत बीजापुर के 13 इलाकों में आज़ादी के बाद पहली बार लहराया तिरंगा

तिरंगा फैराते हुए जवान
गणेश मिश्रा- बीजापुर। नक्सल हिंसा के लंबे साये में रहे बीजापुर के जंगल और पहाड़ आज देशभक्ति के रंग में रंगे नजर आए। जिस कर्रेगुट्टा पहाड़ी को कभी नक्सलियों का अभेद्य किला माना जाता था। वहां आजादी के बाद पहली बार तिरंगा शान से लहराया गया। गणतंत्र दिवस के मौके पर यह दृश्य एक समारोह होने के साथ नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की ऐतिहासिक जीत और अडिग साहस का प्रतीक बन गया।
बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा हिल समेत कुल 13 नक्सल प्रभावित इलाकों में ध्वजारोहण किया गया। कर्रेगुट्टा पहाड़ी को नक्सलियों से मुक्त कराने के लिए 22 हजार जवानों ने 21 दिनों तक लगातार एंटी-नक्सल ऑपरेशन चलाया था, जिसमें 36 नक्सलियों को ढेर किया गया। इसी अभियान की सफलता के बाद अब इन इलाकों में संविधान और तिरंगे की मौजूदगी दर्ज हुई है।
बीजापुर जिले की कर्रेगुट्टा पहाड़ी समेत 13 नक्सल प्रभावित इलाकों में गणतंत्र दिवस पर पहली बार तिरंगा फहराया गया। @DistrictBijapur #Chhattisgarh #RepublicDayCelebration #RepublicDay #SecurityForces #Naxal pic.twitter.com/AwfQdTi98R
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 26, 2026
एक दिन पहले ही IED विस्फोट में 10 जवान हुए घायल
ताड़पाला कैंप में सीआरपीएफ की 196वीं बटालियन और कोबरा की 204वीं बटालियन के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ ध्वजारोहण किया। गौरतलब है कि, ठीक एक दिन पहले कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में 10 जवान घायल हुए थे, लेकिन इसके बावजूद जवानों के हौसले में कोई कमी नहीं आई।
