योग शिक्षा उन्मुखीकरण प्रशिक्षण का समापन: मास्टर ट्रेनर्स ने कहा कि, गंभीर बीमारियों में भी चमत्कारिक लाभ देता है एक्यूप्रेशर उपचार

योग शिक्षा उन्मुखीकरण प्रशिक्षण
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के प्रशिक्षण संस्थान डाइट में पांच दिवसीय योग का अतिम दिन रोज की तरह प्रशिक्षार्थियों को योग अभ्यास कराया गया। यह प्राचार्य जे के घृतलहरे के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षार्थी सुबह 6.30 बजे से ही योग के लिए तैयार हो गये थे। सुबह-सुबह सभी प्रशिक्षार्थियों ने पानी गर्म कर कुंजल क्रिया किये मास्टर ट्रेनर्स भरत लाल साहू के द्वारा कुंजल क्रिया और मास्टर ट्रेनर्स दीपक कुमार यादव ने जल नेति के लाभ को प्रशिक्षार्थियों को बताया।
मास्टर ट्रेनर्स नीलिमा साहू, दीपक यादव, रामकुमार साहू, भरत लाल साहू ने ओम के उच्चारण के साथ योगाभ्यास शुरू किया गया। भ्रामरी प्राणायाम उच्चाई प्राणायाम अनुलोम विलोम और कपालभाति का अभ्यास कराया गया। साथ ही साथ उनके लाभों के बारे में बताया गया। फिर योगिंग जॉगिंग के 12 स्टेप को कराकर बताया गया। सूर्य नमस्कार के 12 स्टेप को भी बताया गया। वज्रासन पर बैठकर शशक आसान और मंडूकासन को भी बताया गया। सभी प्रशिक्षणार्थियों ने योगाभ्यास को पूरे मन लगाकर कर किया और बहुत खुशी जाहिर की।

एक्यूप्रेशर, इलाज का एक प्राचीन तरीका
मास्टर ट्रेनर्स भरत लाल साहू ने बताया कि, एक्यूप्रेशर, इलाज का एक प्राचीन तरीका है। जिसमें शरीर के अलग-अलग हिस्सों के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दबाव डालकर बीमारी को ठीक करने की कोशिश की जाती है। असल में हमारे शरीर के मुख्य अंगों के दबाव केंद्र या प्रेशर पॉइंट्स (च्तमेेनतम च्वपदजे) पैरों के तलवों और हथेलियों में होते हैं। यह थेरेपी दुनियाभर में इस्तेमाल की जाती है। इस पारंपरिक उपचार को आयुर्वेद में भी काफी महत्वपूर्ण माना गया है। जिन लोगों को दर्द, तनाव आदि की समस्या होती है, उनके लिए एक्यूप्रेशर इलाज किसी जादू से कम नहीं है।
एक्यूप्रेशर चीन का एक पारंपरिक उपचार है
उन्होंने ने कहा कि, एक्यूप्रेशर चीन का एक पारंपरिक उपचार है। यह एक तरह से शरीर की क्षमता को जगाने के लिए संकेत भेजने की तकनीक है। कुछ नलिकाओं के माध्यम से शरीर को ऊर्जा मिलती है और इस प्राकृतिक ऊर्जा में किसी तरह की रुकावट बीमारी या दर्द का कारण बनता है। इस पारंपरिक उपचार के जरिए स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सकता है। एक्यूप्रेशर थेरेपी शरीर के हार्माेन सिस्टम को उत्तेजित करती है। यह शरीर के हर तरह के दर्द में फायदेमंद साबित होती है। अगर आप सिर दर्द, माइग्रेन, जोड़ों के दर्द, जकड़न, घुटनों के दर्द और अर्थराइटिस से पीड़ित हैं, तो एक्यूप्रेशर उपचार से राहत पा सकते हैं। इतना ही नहीं, चिंता, तनाव या पाचन संबंधी समस्या से परेशान हैं, तो इस पारंपरिक उपचार की मदद ले सकते हैं। यह इलाज गंभीर बीमारियों के लिए भी मददगार साबित हो सकता है।
योग हमारे शरीर में होने वाले बीमारियों से बचता है
संस्थान के प्राचार्य जे के घृतलहरे ने बताया कि, योग हम सबके जीवन का आधार है। अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए और जीवन भर प्रसन्न चित्त रहने के लिए हमें पूरे दिन में कम से कम एक घंटे का समय हमारे शरीर को देना बहुत आवश्यक है। प्रातः काल जल्दी उठना भी एक प्रकार से योग ही है यह भी हर किसी से नहीं हो सकता। प्रातः काल जल्दी उठने से दिन भर हमारा शरीर स्वस्थ दुरुस्त और स्फूर्ति युक्त रहता है। योग से हम शरीर में होने वाली तरह-तरह की बीमारियों से बच सकते हैं।

योग को स्कूली बच्चों सहित घर-घर पहुँचाने का आह्वान
समापन समारोह को वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ वसुबंधु दीवान ने भी संबोधित करते हुए कि, सहभागिता के लिए प्रशिक्षार्थियों को धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। योग को स्कूल और घर-घर पहुँचाने का आह्वान किया। सहायक प्राध्यापक डॉ वसुबंधु दीवान ने योग प्रशिक्षण के सफल आयोजन के लिए संस्थान के प्राचार्य जे के घृतलहरे व प्रशिक्षण प्रभारी थलज कुमार साहू को हृदय से धन्यवाद दिया। बेमेतरा जिले में जादूगर के रूप में प्रसिद्ध शिक्षक और योग प्रशिक्षक दीपक कुमार यादव ने बहुत सुंदर जादू और हाथ की सफाई का प्रदर्शन किया। जिसे देखकर सभी प्रशिक्षार्थी, अकादमिक सदस्य और डीएलएड के सभी छात्र अध्यापक हैरान रह गये। अंत में सभी प्रशिक्षार्थी एवं मास्टर ट्रेनर्स को सुंदर प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
प्रशिक्षार्थियों सभी का आभार व्यक्त किया
कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी थलज कुमार साहू ने बताया कि, योग पर आधारित कई महत्वपूर्ण जनाकारी दी। प्रशिक्षण का सफलता पूर्वक संचालन किया। इस योग शिक्षा उन्मुखीकरण प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स के रूप में भरत लाल साहू, दीपक कुमार यादव, नीलिमा साहू, रामकुमार साहू बहुत सुंदर ढंग से प्रशिक्षण दिए। जिसकी प्रशिक्षार्थियों ने खूब प्रशंसा किये। प्रशिक्षार्थियों के द्वारा प्रत्येक दिन प्रशिक्षण के समापन पर योग पर आधारित बहुत सुंदर जुंबा डांस भी किया जाता था।
ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर डाइट के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ वसुबंधु दीवान, प्रहलाद सिंह टिकरिहा, परस राम साहू, व्याख्याता अनिल कुमार सोनी, जी एल खुटियारे, यमुना जांगड़े, कीर्ति घृतलहरे, श्रद्धा तिवारी, नागेंद्र शर्मा, कमलेश शर्मा, सत्येंद्र मिश्रा, अमिंदर भारतीय, पूनम पाण्डेय, सरस्वती साहू सहित प्रशिक्षार्थी के रूप में रामकुमार साहू, मनीषा पुरेना, विजय पाण्डेय, सोमप्रभ, रामेश्वरी साहू, सुधीर शुक्ला, बोधी राम पुरैना, रविशंकर साहू, संतोष वर्मा, लेखराम नेताम, भूपेंद्र कुमार मांडले, हिमांशु सिंह, लक्ष्मीनारयण साहू, रोहित कुमार बंजारे, नरेश कुमार नागवंशी, कृष्ण कुमार करमाकर, राजेंद्र कुमार साहू, स्वाती चौबे, रश्मि तिवारी, संगीता वर्मा, सीता सोनी, हितेंद्र, बनवारी लाल चेलक, गणेश राम सप्रे, प्रीति तिर्की, कमलेश्वरी देशलहरा, वंदना लाउत्रे, शंकर लाल साहू, सहित चारों विकासखंड के शिक्षक शिक्षिकाएं सहित संस्थान के अकादमिक व कार्यालयीन सदस्य उपस्थित थे।
