गाड़ाडीह धान केंद्र में बड़ी प्रशासनिक दबिश: 10 हजार बोरा धान सील, पुराने-नए धान की मिलावट का खुलासा

जांच करती हुई प्रशासनिक टीम
सूरज सिन्हा- बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अनियमितताओं का पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान धान में भारी मात्रा में कंकड़-पत्थर पाए गए, साथ ही पुराने धान को नए धान में मिलाकर खपाने की तैयारी की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई हुए केंद्र में रखे लगभग 10 हजार बोरा धन को सील कर दिया है और परिवहन पर भी रोक लगा दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला गाड़ाडीह स्थित धान खरीदी केंद्र का है। यह संयुक्त कार्रवाई डिप्टी कलेक्टर पिंकी मनहर के नेतृत्व में खाद विभाग और सहकारिता विभाग की टीम ने की है। अधिकारीयों ने मौके पर पहुंचकर भंडारित धान की गुणवत्ता की जांच की, जिसमें धान मानकों की स्पष्ट अनदेखी सामने आई। बताया जा रहा है कि, यह कार्रवाई अब तक की धान समिति में सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।
बेमेतरा जिले के गाड़ाडीह धान खरीदी केंद्र में प्रशासन की बड़ी दबिश। जांच में धान में कंकड़-पत्थर और पुराने धान की मिलावट सामने आई। @BemetaraDist #Chhattisgarh #Paddycenter pic.twitter.com/ZHUrHk0CGg
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 7, 2026
उठाव नहीं तो 9 जनवरी से धान खरीदी बंद
वहीं 6 जनवरी को बीजापुर जिले के उपार्जन केंद्रों से धान का समय पर उठाव नहीं होने के कारण धान खरीदी व्यवस्था पर संकट खड़ा हो गया। जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। संघ की माने तो यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 9 जनवरी से जिले में धान खरीदी बंद करनी पड़ेगी।
सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
पत्र में बताया गया है कि जिले के 30 उपार्जन केंद्रों में 5 जनवरी तक 48,842 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जबकि इसमें से मात्र 1,084 मीट्रिक टन धान का ही उठाव हो सका है, जो कुल खरीदी का लगभग 2.22 प्रतिशत है। अधिकांश उपार्जन केंद्रों में धान का भंडारण निर्धारित सीमा से अधिक हो चुका है, जिससे आगे खरीदी करना संभव नहीं रह गया है। संघ का कहना है कि न तो पर्याप्त जगह उपलब्ध है और न ही स्टैक बनाने अथवा अतिरिक्त भंडारण की व्यवस्था की गई है। ऐसे में पहले से संग्रहित धान को जल्द उठवाया जाना आवश्यक है। यदि समय पर धान का उठाव नहीं हुआ तो खरीदी पूरी तरह प्रभावित होगी।
तत्काल धान उठाव की मांग
संघ ने मांग की है कि, जिला विपणन अधिकारी को निर्देशित कर संग्रहित धान का तत्काल उठाव कराया जाए। ताकि, उपार्जन केंद्रों पर खरीदी कार्य सुचारू रूप से जारी रह सके। कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो मजबूरी में धान खरीदी रोकने का निर्णय लिया जाएगा।
