अवैध धान परिवहन पर कड़ी कार्रवाई: छत्तीसगढ़ के चार जिलों से 30 हजार क्विंटल जब्त, 86 वाहन पकड़े गए

कार्रवाई में जब्त धान और वाहन
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए राज्य शासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में 13 जनवरी 2026 को चार जिलों में बड़े स्तर पर संयुक्त कार्रवाई की गई, जिसमें अवैध परिवहन, भंडारण और बिक्री के प्रयासों पर शिकंजा कसते हुए भारी मात्रा में अवैध धान और वाहन जब्त किए गए हैं।
चार जिलों में एक साथ बड़ी कार्रवाई, 30,490 क्विंटल धान जब्त
13 जनवरी को बलरामपुर, जशपुर, सक्ती और जांजगीर-चांपा जिलों में चले अभियान में कुल 30,490 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। कुल 86 वाहन अवैध परिवहन में शामिल पाए जाने पर कब्जे में लिए गए। यह अब तक की सबसे महत्वपूर्ण संयुक्त कार्रवाई मानी जा रही है।

जशपुर: वेदांश राइस मिल में 9,700 क्विंटल धान की कमी, मिल सील
कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर बगिया स्थित वेदांश राइस मिल की जांच की गई, जिसमें संयुक्त टीम को मिल में 9,700 क्विंटल धान की कमी पाई गई। गंभीर अनियमितता पाए जाने पर मिल को तत्काल सील कर दिया गया। फिलहाल मिल से संबंधित दस्तावेजों एवं उपलब्ध स्टॉक की विस्तृत जांच की जा रही है।
बलरामपुर: 20,426 क्विंटल धान और 83 वाहन जब्त
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के नेतृत्व में अंतरराज्यीय सीमाओं, चेक पोस्टों एवं धान उपार्जन केंद्रों पर 24×7 सतत निगरानी की जा रही है। इस सघन निगरानी और कार्रवाई के परिणामस्वरूप अब तक कुल 129 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 20,426.49 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है तथा 83 वाहनों को पकड़ा गया है। इसी क्रम में चांदो धान उपार्जन केंद्र पर भी त्वरित कार्रवाई करते हुए 65 बोरी अवैध धान को बेचने के प्रयास के दौरान जब्त किया गया।

सक्ती: 331 क्विंटल धान और कई वाहन जब्त
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के मार्गदर्शन में राजस्व विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए 331 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया, साथ ही ट्रक सहित कई वाहनों को भी अपने कब्जे में लिया गया।
सरकार का सख्त संदेश: किसान हित सर्वोपरि
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि, धान खरीदी में किसानों के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी के तहत अवैध धान के परिवहन, भंडारण एवं बिचौलियों की गतिविधियों पर आगे भी सतत और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही उपार्जन केंद्रों में पुराने अथवा अवैध धान की बिक्री के प्रत्येक प्रयास पर प्रशासन की पैनी और निरंतर निगरानी बनी रहेगी।
