निर्माणाधीन आंगनबाड़ी में हादसा: छत गिरने से 6वीं के छात्र की मौत, शिक्षा विभाग ने हेड मास्टर को किया सस्पेंड

उन्नयन पूर्व माध्यमिक शाला- सुटहन पारा, शारदापुर
कृष्णकुमार यादव - बलरामपुर। रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में बड़ा हादसा सामने आया, जब ग्राम शारदापुर में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी की छत गिरने से 6वीं के छात्र की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में विद्यालय की हेड मास्टर ममता गुप्ता को दोषी पाए जाने पर शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से उनका निलंबन कर दिया है।
दोपहर के अवकाश में हुआ हादसा
8 जनवरी 2026 को मध्यान्ह भोजन के अवकाश के दौरान छात्र खेलते हुए निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन की ओर चला गया। इसी दौरान छज्जा गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। छात्र को रोकने में विद्यालय पक्ष की ओर से सतर्कता नहीं बरती गई, जिसे लापरवाही माना गया।
हेड मास्टर दोषी पाई गईं, तत्काल निलंबन
प्रारंभिक जांच में मिडिल स्कूल खुटनपारा की प्रधान पाठक ममता गुप्ता को छात्रों पर उचित निगरानी न रखने का दोषी पाया गया। शिक्षा विभाग के आदेश अनुसार ममता गुप्ता ने विद्यालय परिसर में अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरती, उनका कृत्य छग सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1965 के नियम 03 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, रामचन्द्रपुर निर्धारित किया गया है और अवधि के दौरान वे जीवन निर्वाह भत्ते की पात्र होंगी।
बलरामपुर के वाड्रफनगर क्षेत्र में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी का छत गिरने से 6वीं कक्षा के छात्र की मौत, प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर हेड मास्टर निलंबित. @BalrampurDist #Chhattisgarh @SchoolEduCgGov #Children pic.twitter.com/JilzlnYiC5
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 9, 2026
निर्माणाधीन आंगनबाड़ी की गुणवत्ता पर सवाल
हादसे के बाद निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण मानकों में लापरवाही और निगरानी की कमी इस दुर्घटना का बड़ा कारण है। वाड्रफनगर विकासखंड में यह दुर्घटना प्रशासन और शिक्षा विभाग दोनों के लिए एक चेतावनी है।
हरिभूमि की प्रमुखता से रिपोर्टिंग के बाद कार्रवाई
घटना को हरिभूमि डॉट कॉम ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले में संज्ञान लेते हुए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की। संयुक्त संचालक शिक्षा, सरगुजा संभाग ने आदेश जारी कर हेड मास्टर को निलंबित किया।
