धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने की मांग: किसानों की चिंता पर विधायक संदीप ने उठाए सवाल, बोले- नए-नए नियमों के नाम पर किया जा रहा परेशान

ट्रैक्टर में धान चढ़ाते हुए किसान
कुश अग्रवाल- बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में जैसे-जैसे धान खरीदी की समय-सीमा समाप्त होने के करीब पहुंच रही है। वैसे-वैसे कई किसान अब भी टोकन नहीं कटवा पाने को लेकर चिंतित हैं। रोज़ नए-नए नियम लागू होने से किसान काफी परेशान हो चुके हैं।
गिरदावरी सत्यापन से लेकर मंडी में धान की तौल तक, किसानों को जगह-जगह अपनी जमीन और फसल का सत्यापन कराना पड़ रहा है। शुरुआत में धान खरीदी की प्रक्रिया ठीक-ठाक चल रही थी, लेकिन अब समय बीतने के साथ प्रशासन ने अवैध धान बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। हालांकि अवैध धान बेचने वालों पर दबाव जरूरी है, लेकिन छोटे किसान, जिनका धान अब तक नहीं बिक पाया है, वे नए नियमों की वजह से ज्यादा परेशान हो रहे हैं। पटवारी किसानों के घर घर जाकर धान का स्यापन कर रहे है।

ऑफलाइन टोकन की कोई व्यवस्था नहीं- किसान
किसानों का कहना है कि, ऑफलाइन टोकन की कोई व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने नवंबर महीने में ही धान की कटाई कर ली थी, लेकिन जब धान बेचने गए तो उन्हें जनवरी का टोकन मिला। इस वजह से नवंबर में काटा गया धान अब जनवरी में बेचना पड़ रहा है।

धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई जानी चाहिए- विधायक संदीप
इधर, कसडोल विधायक संदीप साहू ने भी किसानों की परेशानी को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि, कई किसानों का धान अब तक सिर्फ इसलिए नहीं बिक पाया है क्योंकि उनके टोकन नहीं कटे। ऐसे में धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई जानी चाहिए।

इस वजह से किसानों को झेलनी पड़ रही परेशानी
विधायक साहू ने यह भी कहा कि, जिन किसानों का पंजीयन पहले से हो चुका है, उन्हें भी नए-नए नियमों के नाम पर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार की मंशा धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है, इसी वजह से किसानों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
