बार नवापारा में दिखा दुर्लभ ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर: छत्तीसगढ़ में दूसरा और अभयारण्य से पहला प्रमाणित रिकॉर्ड

बार नवापारा में दिखा ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर
कुश अग्रवाल- बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध बार नवापारा वन्यजीव अभयारण्य ने पक्षी-विविधता के क्षेत्र में एक नया और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज किया है। अभयारण्य में पहली बार दुर्लभ ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर (Black-capped Kingfisher) का अवलोकन किया गया है।
यह ऐतिहासिक अवलोकन 29 दिसंबर 2025 की सुबह प्रसिद्ध बर्डर डॉ. दिलीप वर्मा ने किया। यह न केवल बार नवापारा अभयारण्य से इस प्रजाति का पहला प्रमाणित रिकॉर्ड है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में दूसरा पुष्ट अवलोकन भी माना जा रहा है।
बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में दुर्लभ ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर का पहली बार प्रमाणित अवलोकन हुआ है। डॉ. दिलीप वर्मा ने इस अवलोकन को फील्ड फोटोग्राफिक साक्ष्यों के साथ विधिवत रूप से दस्तावेजीकृत किया है। @BalodaBazarDist #Chhattisgarh @WildBarnawapara #wildlife pic.twitter.com/WsGgbQZg4H
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 2, 2026
ऐसे संभव हुई वैज्ञानिक पुष्टि
डॉ. दिलीप वर्मा ने इस अवलोकन को फील्ड फोटोग्राफिक साक्ष्यों के साथ विधिवत रूप से दस्तावेजीकृत किया है, जिससे इसकी वैज्ञानिक पुष्टि संभव हो सकी है। यह रिकॉर्ड भविष्य में पक्षी-विविधता अध्ययन, संरक्षण रणनीतियों के निर्माण तथा अभयारण्य प्रबंधन से जुड़े निर्णयों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा।
अभयारण्य में दुर्लभ ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर की उपस्थिति
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर सामान्यतः तटीय क्षेत्रों और मैंग्रोव आवासों से जुड़ी एक दुर्लभ प्रजाति है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के आंतरिक भू-भाग में स्थित बार नवापारा वन्यजीव अभयारण्य में इसकी उपस्थिति इस क्षेत्र की उत्कृष्ट पारिस्थितिक विविधता, जल-आधारित आवासों की उपलब्धता और अनुकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों को दर्शाती है। गौरतलब है कि, इससे पहले वर्ष 2024 में कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान में क्रोकोडाइल सर्वे के दौरान इस प्रजाति का अवलोकन किया गया था, जिसे छत्तीसगढ़ से पहला पुष्ट रिकॉर्ड माना गया था।
