खेतों में बिखरी बसंत बयार: सीस देवरी गांव के किसानों ने बड़े पैमाने पर की है सरसों की खेती, लहलहाते पीले फूल दे रहे बसंत ऋतु आने का संदेश

सीसदेवरी के खेतों में खिला पीला सरसों
कुश अग्रवाल - बलौदा बाजार। बसंत पंचमी का पर्व पूरे देश में हर्ष और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। बलौदा बाजार के खेतों में पीली सरसों की खिलखिलाती छटा देखकर सचमुच लगता है जैसे धरती ने बसंती चुनरी ओढ़ ली हो। यही सरसों आज किसानों की किस्मत भी बदल रही है। सीसदेवरी गांव में सरसों की बढ़ती खेती किसानों के लिए नई आमदनी और बेहतर भविष्य का रास्ता खोल रही है।
प्रकृति और आजीविका दोनों में रौनक
सीसदेवरी गांव के खेतों में दूर-दूर तक बिछे सरसों के पीले फूल हर किसी का मन मोह ले रहे हैं। यह सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि किसानों के लिए बढ़ते अवसरों की कहानी भी है। सरसों की खेती अब यहां के किसानों के लिए अतिरिक्त और स्थायी आय का स्रोत बन चुकी है।
बसंत पंचमी के अवसर पर बलौदा बाजार के सीसदेवरी गांव में सरसों के लहलहाते खेत न केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ा रहे हैं, बल्कि किसानों की आमदनी को भी नया आयाम दे रहे हैं. @BalodaBazarDist #BasantPanchmi #Farmers #NatureBeauty pic.twitter.com/xfDbW3IIfk
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 23, 2026
छोटे स्तर से बड़े उत्पादन तक का सफर
कुछ साल पहले तक इस क्षेत्र में सरसों की खेती केवल भाजी तक सीमित थी। किसान बाड़ी में थोड़ी सरसों उगाकर स्थानीय बाजार में बेचते थे। लेकिन समय बदलते ही किसानों ने बड़े पैमाने पर सरसों उत्पादन शुरू किया। इससे न सिर्फ उत्पादन बढ़ा बल्कि बाजार में सरसों तेल की मांग ने किसानों की आय को कई गुना बढ़ा दिया।
सरसों तेल से बढ़ा मुनाफा
सीसदेवरी व आसपास के गांवों में किसान अब खुद ही सरसों से तेल निकाल रहे हैं। ग्रामीण व्यापारी गांव में ही तेल खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को त्वरित और अधिक लाभ मिल रहा है। सरसों उत्पादन से जुड़े किसानों की कमाई देखकर कई अन्य किसान भी इस दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
कम लागत, कम पानी, ज्यादा कमाई
सरसों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम पानी में भी अच्छी पैदावार दे देती है। पहले किसान केवल वर्षा आधारित खरीफ फसलों पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब रबी सीजन में सरसों खेती ने उन्हें एक सुरक्षित और लाभकारी विकल्प दे दिया है। बाजार में सरसों तेल की मांग लगातार बनी हुई है, जिससे किसानों को स्थायी आय मिल रही है।
