आत्मानंद स्कूलों की हालत खराब: दो दर्जन पर 50 लाख का बिजली बिल बकाया, कई पेंच

आत्मानंद स्कूलों की हालत खराब :  दो दर्जन पर 50 लाख का बिजली बिल बकाया, कई पेंच
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File Photo 

राजधानी रायपुर के स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, तो उन्हें अंधेरे और बगैर पंखे के पढ़ने आदत डलवा दीजिए।

रायपुर। यदि आपके छात्र राजधानी रायपुर के स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, तो उन्हें अंधेरे और बगैर पंखे के पढ़ने आदत डलवा दीजिए। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जिले के आत्मानंद विद्यालयों के लाखों रुपए के बिजली बिल बकाया हैं। कई स्कूल तो ऐसे हैं, जहां पिछले 4-5 सालों से बिजली बिल का भुगतान ही नहीं हुआ है। इन स्कूलों में बिजली बिल की बकाया राशि 12 लाख तक पहुंच गई है।

स्वामी आत्मानंद विद्यालयों को मिलने वाले फंड में बीते शैक्षणिक सत्र से ही कटौती की जा रही है। प्रदान की जाने वाली राशि में नियमितता भी नहीं है। उन्हें जो राशि भेजी जा रही है, उससे वे बमुश्किल स्टेशनरी का खर्च निकाल पा रहे हैं। बिजली बिल के लिए पैसे नहीं होने के कारण वे चाहकर भी भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी ओर बिजली कंपनी द्वारा शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों को नियमित अंतराल पर रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं, लेकिन उन्हें भी अपनी राशि नहीं मिल रही है। जिले में 36 आत्मानंद विद्यालय हैं, इनमें से तकरीबन दो दर्जन स्कूल ऐसे हैं, जहां का बिजली बिल महीनों से बकाया है।

नगर निगम व शिक्षा विभाग के फेर में उलझे
कई स्वामी आत्मानंद विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय योजना में शामिल कर लिया गया है। यहां भी बिजली बिल के हजारों रुपए बकाया हैं। बिजली बिल के बकायदार स्कूलों की सूची में एक श्रेणी ऐसे विद्यालयों की भी है, जो पहले नगर निगम के अधीन थी। इन्हें बाद में स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में शामिल किया गया। पूर्व में इनके बिजली बिल का भुगतान नगर निगम द्वारा ही किया जाता था। शाला प्रबंधन के मुताबिक, नगर निगम से संपर्क करने पर वे शिक्षा विभाग से राशि लेने की बात कहते हैं। इसी तरह शिक्षा विभाग के पास जाने पर वे नगर निगम के स्कूल होने की बात कहते हैं।

फीस लेने की मांग
प्रत्येक शासकीय विद्यालयों में छात्रों से शाला विकास शुल्क लिया जाता है। सामान्यतः यह 50 रुपए से 200 रुपए के भीतर होता है। वर्ष में एक बार यह राशि छात्रों द्वारा दी जाती है। इस राशि से विद्यालयों की स्टेशनरी, बिजली बिल सहित अन्य खर्चे निकाले जाते हैं। स्वामी आत्मानंद विद्यालयों से यह राशि भी नहीं ली जाती है। इस कारण उनके पास शाला विकास के लिए कुछ भी राशि नहीं होती है। स्वामी आत्मानंद विद्यालय कई बार शासन से मांग कर चुके हैं कि फंड प्रदान नहीं किए जाने की स्थिति में उन्हें कम से कम फीस लेने की अनुमति प्रदान की जाए, ताकि वे सामान्य खर्च निकाल सकें।

किन स्कूलों का, कब से, कितना बकाया ?


1. शहीद स्मारक विद्यालय, फाफाडीह -12 लाख 84 हजार, 51 माह

2. आरडी तिवारी विद्यालय, आमापारा -10 लाख 78 हजार, 47 माह

3. निवेदिता स्कूल, गुरुनानक चौक - 4 लाख 87 हजार, 41 माह

4. मायाराम सुरजर शासकीय विद्यालय, चौबे कालोनी - 3 लाख 98 हजार, 23 माह

5. शशिबाला शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, गुढ़ियारी - 2 लाख 61 हजार

6. पीएमश्री विद्यालय, खोरपा, अभनपुर 2 लाख 32 हजार, 23 माह

7. पीएमश्री विद्यालय, कुरां - 1 लाख 83 हजार, 22 माह

8. स्वामी आत्मानंद विद्यालय, माना कैंप - 1 लाख 78 हजार, 19 माह

9. दानी गर्ल्स स्कूल - 1 लाख 25 हजार, 4 माह

10. बिन्नीबाई सोनकर विद्यालय, भाठागांव -1 लाख 23 हजार, 11 माह

11. स्वामी आत्मानंद विद्यालय, लालपुर - 1 लाख 9 हजार, 12 माह

12. पं. राम सहाय मिश्रा विद्यालय, मोहबाबाजार - 88 हजार, 3 माह

13. पीजी उमाठे, शांति नगर - 87 हजार, 3 माह

14. कांशीराम शर्मा शासकीय विद्यालय, भनपुरी - 80 हजार, 9 माह

15. स्वामी आत्मानंद विद्यालय, गनियारी, तिल्दा - 62 हजार, 13 माह

16. स्वामी आत्मानंद विद्यालय, अभनपुर - 45 हजार, 2 माह

17. स्वामी आत्मानंद विद्यालय, गोगांव - 38 हजार, 1 माह

18. स्वामी आत्मानंद विद्यालय, सरोना - 31 हजार, 5 माह

19. पीएमश्री विद्यालय, गोबरा-नवापारा - 31 हजार, 3 माह

20. प्रियदर्शनी विद्यालय, तिल्दा - 24 हजार, 1 माह

21. पीएमश्री श्री अनंत राम विद्यालय, चंदखुरी - 19 हजार, 1 माह

जानकारी मंगाएंगे
रायपुर नगर निगम के महापौर मीनल चौबे ने बताया कि, आमापारा स्थित पंडित रामदयाल तिवारी आत्मानंद विद्यालय के बिजली बिल भुगतान संबंधी जानकारी संबंधित स्कूल से मंगाएंगे। विद्युत बिल भुगतान संबंधित अवधि में यदि नगर निगम की जिम्मेदारी बनती है तो छात्र हित में बिजल बिल के भुगतान की व्यवस्था की जाएगी।

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