सीतापुर में पहुंचविहीन क्षेत्र की दर्दनाक तस्वीर: सड़क न होने पर नहीं पहुंचा वाहन, खाट की कांवड़ में ढोया शव

Lakarlata Tribal Area
X

पहुंचविहीन गांव में शव को कांवड़ में ले जाते परिजन

सरगुजा के सीतापुर थाना क्षेत्र के पहुंचविहीन गांव में शव वाहन न पहुँच पाने पर परिजनों को आदिवासी युवक का शव कई किलोमीटर तक खाट की कांवड़ में ढोकर ले जाना पड़ा।

संतोष कश्यप - अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र से एक बार फिर पहुंचविहीनता और अव्यवस्थित बुनियादी ढांचे की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ एक युवक की मौत के बाद परिजनों को शव वाहन न मिलने पर शव को खाट की कांवड़ में लादकर कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं की कमी को उजागर करती है।

शव वाहन नहीं पहुँचा
सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भरतपुर-लकरालता में आदिवासी युवक सुरेंद्र तिर्की की तालाब में डूबने से मौत हो गई। 31 दिसंबर को तालाब से उसका शव बरामद किया गया। लेकिन गांव तक पहुँच का उचित मार्ग न होने के कारण शव वाहन मौके तक नहीं पहुँच सका। परिजनों ने मजबूरी में खाट को कांवड़ बनाकर शव को लाद लिया और कई किलोमीटर पैदल मुख्य मार्ग तक ले गए।

पहुंचविहीन क्षेत्र की करुण सच्चाई फिर उजागर
लकरालता और आसपास के ग्रामीण वर्षों से सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। मुख्य मार्ग से गाँव तक ठीक-ठाक सड़क न होने के कारण न तो एम्बुलेंस पहुँच पाती है, न ही शव वाहन। दुखद हादसे के बाद फिर से यह मुद्दा प्रमुखता से सामने आ गया है।


पैदल चलते परिजन, जिम्मेदारियों पर उठे सवाल
ग्राम लकरालता से शव को कांवड़ के सहारे ले जाते परिजनों के दृश्य बेहद विचलित करने वाले थे। ग्रामीणों ने इसे प्रशासनिक और बुनियादी सुविधाओं की बड़ी विफलता बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में ऐसे हालात अक्सर सामने आते हैं, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।

घटना पर विधायक रामकुमार टोप्पो का बयान
घटना के संबंध में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि, इस सड़क का भूमि पूजन पहले ही हो गया है पर बरसात के कारण कार्य नहीं किया जा रहा था। हमने गांव वासी को कहा था कि, 8 से 9 महीने के बाद जनवरी में कार्य को किया जाएगा। यह घटना बहुत दुखद और अफ़सोस की बात है, लेकिन विष्णु देव सरकार में सीतापुर की सभी सड़क को बनाया जा रहा है, ऐसी समस्या से सीतापुर बहुत जल्दी हो मुक्त हो जाएगा।

दुर्घटना का पूरा घटनाक्रम
31 दिसंबर को लकरालता स्थित तालाब में डूबने से सुरेंद्र तिर्की की मौत हो गई थी। शव मिलने के बाद परिजन प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसे पोस्टमार्टम हेतु मुख्य मार्ग तक पैदल ले गए। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायतों के बावजूद सड़क निर्माण का कार्य नहीं हो सका है।

WhatsApp Button व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp Logo

Tags

Next Story