स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में घोटाला: पटना समेत 6 जिलों के 15 कॉलेज जांच के घेरे में, जांच शुरू

Bihar Student Credit Card Scheme Scam
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बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़े घोटाले की आशंका, सरकार ने दिए जांच के आदेश।

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़े घोटाले की आशंका। पटना समेत 6 जिलों के 15 निजी शिक्षण संस्थानों की भौतिक जांच के आदेश। जानिए किन बिंदुओं पर होगी जांच।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बड़े घपले की आशंका सामने आई है। शिक्षा ऋण के लिए आवेदनों में असामान्य बढ़ोतरी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने पटना समेत छह जिलों के 15 निजी शिक्षण संस्थानों की भौतिक और स्थलीय जांच के आदेश दिए हैं। विभाग को शक है कि योजना के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।

आवेदनों की संख्या ने बढ़ाई चिंता

शिक्षा विभाग की समीक्षा में सामने आया है कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में कई निजी संस्थानों में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदनों की संख्या अचानक बहुत अधिक बढ़ गई है। इसी को देखते हुए विभाग ने इसे गंभीर मानते हुए जांच का फैसला लिया है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके।

प्रभारी अधिकारी ने भेजा आदेश पत्र

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के प्रभारी पदाधिकारी नसीम अहमद ने इस संबंध में पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, रोहतास और औरंगाबाद के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र भेजा है। पत्र में बताया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 85 हजार के लक्ष्य के मुकाबले 99,357 आवेदन, जबकि सत्र 2025-26 में 27 जनवरी तक 95,220 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,15,423 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

जांच के लिए बनाई गई समिति

आवेदनों में बढ़ोतरी को देखते हुए संस्थानों की स्थलीय जांच और भौतिक सत्यापन को अनिवार्य किया गया है। इसके लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। समिति में जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र के प्रबंधक और बिहार राज्य वित्त निगम के सहायक प्रबंधक को सदस्य बनाया गया है। समिति को एक पखवाड़े के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

पटना के 7 शिक्षण संस्थान रडार पर

जांच के पहले चरण में पटना जिले के सात निजी शिक्षण संस्थानों को चिन्हित किया गया है। इनमें मगध प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट, ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ रिसर्च एंड मैनेजमेंट, चैतन्य कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, आरएस विद्यापीठ, एबीसी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, नोवा मैनेजमेंट कॉलेज और हिमालया कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल एजुकेशन (पालीगंज) शामिल हैं।

अन्य जिलों के संस्थानों पर भी नजर

पटना के अलावा मुजफ्फरपुर के एमपीएस कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन और शिवी कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन, वैशाली के श्री उमेश मिश्रा रणजीत कुमार प्रकाश कॉलेज, इंदु देवी रणजीत कुमार प्रकाश प्रोफेशनल कॉलेज और डॉ. रणजीत कुमार प्रकाश कॉलेज को भी जांच के दायरे में लिया गया है। वहीं मधुबनी की संदीप यूनिवर्सिटी, औरंगाबाद के सितयोग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और रोहतास के गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय की भी जांच होगी।

इन बिंदुओं पर होगी सख्त जांच

जांच समिति संस्थानों के संबंधन से जुड़े दस्तावेज, सरकार से मिली अनुमति, पाठ्यक्रम, नामांकन और छात्र उपस्थिति का सत्यापन करेगी। इसके साथ ही पिछले दो वर्षों की शुल्क संरचना, कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब और सेमिनार हॉल की जियो-टैग फोटो, शिक्षकों की योग्यता और छात्र-छात्राओं से फीडबैक भी लिया जाएगा।

घपले पर लगेगी रोक या खुलेगा राज?

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस जांच से स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के नाम पर हो रहे संभावित फर्जीवाड़े और सरकारी धन के दुरुपयोग की सच्चाई सामने आएगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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