Shambhu Girls Hostel Case: पटना में नीट छात्रा की मौत मामले में जांच तेज, अस्पतालों में SIT की छानबीन; हॉस्टल बंद होने से छात्राओं का आक्रोश

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Shambhu Girls Hostel Case

पटना के शंभु गर्ल्स हॉस्टल छात्रा मौत मामले में SIT ने अस्पतालों की जांच की। हॉस्टल सील होने से किताबें न मिलने पर छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया।

NEET Student Death Case: पटना में शंभु गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा छात्रा की मौत का मामला अब जांच और असंतोष दोनों मोर्चों पर गरमा गया है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद जहां पुलिस की विशेष टीम इलाज से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही है, वहीं हॉस्टल बंद होने से परेशान छात्राएं जरूरी सामान न मिलने पर खुलकर विरोध जता रही हैं।

इलाज की कड़ी खंगालने अस्पताल पहुंची SIT

रविवार को विशेष जांच टीम ने उस निजी अस्पताल का रुख किया, जहां छात्रा को सबसे पहले भर्ती कराया गया था। टीम ने डॉक्टरों और स्टाफ से इलाज की पूरी टाइमलाइन समझी और मेडिकल दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। इसके बाद SIT दूसरे अस्पताल पहुंची, जहां छात्रा को आगे के इलाज के लिए ले जाया गया था। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इलाज के दौरान कोई चूक तो नहीं हुई।

हॉस्टल सील, छात्राओं को अंदर जाने से रोका गया

जांच के बीच शंभु गर्ल्स हॉस्टल को सील कर दिया गया है। इसी कारण वहां रह रहीं कई छात्राएं अपने नोट्स, किताबें और पहचान से जुड़े कागजात लेने पहुंचीं, लेकिन उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। हॉस्टल के बाहर ही छात्राएं और उनके अभिभावक रुक गए, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।

स्टडी मटीरियल हॉस्टल के कमरों में बंद

छात्राओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं नजदीक हैं और उनका पूरा स्टडी मटीरियल हॉस्टल के कमरों में बंद है। एक छात्रा ने बताया कि वह कई महीनों से यहां रह रही थी और उसने कभी किसी तरह की असामान्य गतिविधि नहीं देखी, लेकिन मौजूदा हालात के बाद वह दोबारा इस हॉस्टल में रहने का जोखिम नहीं लेना चाहती।

मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल

छात्रा की मौत को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं ने जांच की पारदर्शिता पर चिंता जताई है। वहीं सरकार का दावा है कि मामले में किसी को भी बचाया नहीं जाएगा और जांच पूरी निष्पक्षता से चल रही है।

सरकार की सफाई: राजनीति से ऊपर है न्याय

राज्य सरकार के मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा है कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और इसे राजनीतिक बहस का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि पुलिस और SIT हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय है।

अब आगे क्या?

फिलहाल SIT अस्पतालों, हॉस्टल प्रबंधन और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ में जुटी है। वहीं छात्राएं प्रशासन से मांग कर रही हैं कि उन्हें कम से कम जरूरी सामान लेने की अनुमति दी जाए, ताकि उनकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी प्रभावित न हो।

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