नीट छात्रा केस: राबड़ी देवी के आरोपों पर सम्राट चौधरी की खुली चुनौती, कहा- नाम बताएं, 24 घंटे में भेजेंगे जेल

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने पूर्व सीएम राबड़ी देवी को चुनौती दी है कि अगर किसी मंत्री के बेटे का हाथ है तो नाम बताएं, उसे तुरंत जेल भेजेंगे।
NEET Student death Case: पटना के हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के उन आरोपों पर तीखा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने सरकार के मंत्री या उनके बेटे के शामिल होने की बात कही थी। सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को राबड़ी देवी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनके पास किसी मंत्री या उसके बेटे की संलिप्तता की जानकारी है, तो वे सार्वजनिक तौर पर उनका नाम उजागर करें। उन्होंने गारंटी दी कि नाम सामने आने के 24 घंटे के भीतर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
'नाम छिपाकर सबूतों के साथ खेल रही हैं राबड़ी'
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह राज्य की मुख्यमंत्री रही हैं, इसलिए उनसे इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी की उम्मीद नहीं थी। सम्राट ने आरोप लगाया कि यदि राबड़ी देवी को सच में हत्यारों का पता है और वे नाम नहीं बता रही हैं, तो इसका सीधा मतलब यह है कि वे सबूतों को छिपाने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस दुखद घटना पर केवल राजनीति करना चाहता है, जबकि सरकार दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
"राबड़ी देवी जी जनता के बीच नाम बताएं, मैं गारंटी देता हूँ किसी भी मंत्री या मंत्री के बेटे का नाम आएगा तो 24 घंटे के अंदर जेल में डालूंगा।" pic.twitter.com/Mf6iinClVL
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) February 6, 2026
राबड़ी देवी का सनसनीखेज आरोप और CBI जांच पर सवाल
इससे पहले, गुरुवार को राबड़ी देवी ने नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि इस हत्याकांड में सरकार के ही किसी रसूखदार व्यक्ति या मंत्री के बेटे का हाथ है। उन्होंने दावा किया था कि इसी वजह से सरकार मामले की लीपापोती करने में जुटी है। राबड़ी देवी ने जांच को सीबीआई (CBI) के हवाले करने पर भी तंज कसा था और कहा था कि सीबीआई भी केंद्र सरकार के इशारे पर काम करती है, ऐसे में न्याय की उम्मीद कम है। उनके मुताबिक, केस को जानबूझकर लटकाने के लिए सीबीआई को सौंपा गया है।
क्या है पूरा मामला और पुलिस जांच का विवाद?
गौरतलब है कि जहानाबाद की रहने वाली एक छात्रा, जो पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी, उसकी 11 जनवरी को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 6 जनवरी को तबीयत बिगड़ने के बाद उसे तीन अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया था। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही। शुरुआती मेडिकल राय और बाद की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के बीच भारी अंतर देखने को मिला, जिससे मृतका के परिजनों और विपक्ष ने पुलिसिया जांच पर संदेह जताया। इसी दबाव के बीच राज्य सरकार ने 31 जनवरी को मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी।
