Bihar Politics: तेजस्वी की बैठक पर रोहिणी का तंज, बोलीं- 'अपने ही इर्द-गिर्द बैठे गिद्धों को पहचानिए, जनता सब समझती है'

rohini acharya on tejashwi yadav meeting
X

लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव पर कसा तंज।

बिहार की राजनीति में हलचल तेज है। तेजस्वी यादव की कोर कमेटी बैठक के बीच रोहिणी आचार्य का X पोस्ट चर्चा में आ गया। बिना नाम लिए भाई पर साधा निशाना, कहा- समीक्षा से पहले आत्ममंथन जरूरी।

शुक्रवार, 16 जनवरी को बिहार की राजनीति में एक साथ कई बड़े घटनाक्रम देखने को मिले। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जहां अपनी बहुप्रचारित ‘समृद्धि यात्रा’ पर रवाना हुए, वहीं दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना स्थित अपने सरकारी आवास पर राजद की अहम कोर कमेटी बैठक बुलाई।

इस बैठक को आगामी राजनीतिक रणनीति और हालिया चुनावी परिणामों की समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

बैठक पर रोहिणी का तंज

इसी बीच लालू परिवार से अलग राह चुन चुकीं रोहिणी आचार्य का एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आया, जिसने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए तेजस्वी यादव की बैठक को केवल 'औपचारिकता' और 'दिखावा' बताया।

रोहिणी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा- केवल समीक्षा बैठकों से कुछ हासिल नहीं होता, असली जरूरत है खुद के भीतर झांकने और जिम्मेदारी लेने की।

'अपने आसपास बैठे गिद्धों पर नजर डालिए'

अपने पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने तीखे शब्दों में लिखा कि जब तक नेतृत्व अपने आसपास कब्जा जमाए बैठे स्वार्थी तत्वों पर कार्रवाई करने का साहस नहीं दिखाएगा, तब तक किसी भी तरह की समीक्षा का कोई अर्थ नहीं रह जाता।

उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब सब कुछ देख-समझ रही है और किसी को भ्रम में नहीं रखा जा सकता।

पहले भी विरासत को लेकर दे चुकी हैं चेतावनी

यह पहला मौका नहीं है जब रोहिणी आचार्य ने इस तरह का बयान दिया हो। इससे पहले 10 जनवरी को भी उन्होंने एक पोस्ट कर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया था। उस पोस्ट में उन्होंने इशारों-इशारों में कहा था कि किसी विरासत को खत्म करने के लिए बाहरी दुश्मनों की जरूरत नहीं पड़ती, कई बार अपने ही लोग इसके लिए काफी होते हैं।

उन्होंने लिखा था कि जब विवेक पर अहंकार हावी हो जाता है, तब सही-गलत का फर्क मिटने लगता है और वही विनाश की वजह बनता है।

तेजस्वी की बैठक के क्या मायने?

राजद सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव ने यह बैठक हालिया चुनावी झटकों, संगठन की स्थिति और आगे की रणनीति को लेकर बुलाई थी। पार्टी के सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया गया।

हालांकि, बैठक के तुरंत बाद रोहिणी आचार्य की प्रतिक्रिया सामने आना इस बात की ओर इशारा करता है कि राजद और लालू परिवार के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।

बिहार की राजनीति में बढ़ेगा पारिवारिक टकराव?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रोहिणी के लगातार बयानों से यह साफ हो रहा है कि आने वाले दिनों में राजद की आंतरिक खींचतान और खुलकर सामने आ सकती है। इसका असर पार्टी की सियासी दिशा और जनाधार पर भी पड़ सकता है।

WhatsApp Button व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp Logo

Tags

Next Story