हॉस्टल संचालकों को बिहार पुलिस का अल्टीमेटम: लापरवाही की तो रद्द होगा लाइसेंस, महिला वार्डन और CCTV अब अनिवार्य

Bihar Police Guidelines for Girls Hostel after Patna NEET Aspirant death
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पटना नीट छात्रा हत्याकांड के बाद बिहार पुलिस ने राज्य के सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए कड़े सुरक्षा नियम जारी किए हैं।

पटना नीट छात्रा हत्याकांड के बाद बिहार पुलिस ने राज्य के सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए कड़े सुरक्षा नियम जारी किए हैं। सीसीटीवी, महिला वार्डन और पुलिस वेरिफिकेशन अब अनिवार्य होगा।

Bihar Police Guidelines for Girls Hostel: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और कथित दरिंदगी के मामले ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। इस घटना से सबक लेते हुए बिहार पुलिस ने अब राज्यभर के गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए बेहद सख्त सुरक्षा मानक (Safety Norms) जारी किए हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जो भी हॉस्टल इन नए नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा या उन्हें भविष्य में संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।

रजिस्ट्रेशन और पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

सीआईडी (कमजोर वर्ग) के अपर पुलिस महानिदेशक अमित कुमार जैन ने राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों के कप्तानों को निर्देश जारी किए हैं। अब हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का संबंधित थाने में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। थाने के 'महिला हेल्प डेस्क' के पास हॉस्टल के मालिक का नाम, पता और वहां रहने वाली छात्राओं का पूरा विवरण मौजूद रहेगा। इतना ही नहीं, हॉस्टल में काम करने वाले गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मियों सहित सभी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अब कानूनी रूप से जरूरी होगा।

CCTV और 24 घंटे महिला वार्डन की तैनाती

नई गाइडलाइंस के मुताबिक, हर गर्ल्स हॉस्टल में एक महिला वार्डन की मौजूदगी 24 घंटे अनिवार्य कर दी गई है। सुरक्षा के लिहाज से हॉस्टल के मुख्य द्वार, कॉरिडोर, डाइनिंग एरिया और अन्य परिसर में हाई-रिज़ॉल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे, जिनमें वॉयस रिकॉर्डिंग की सुविधा भी हो। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग को कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा। साथ ही, हॉस्टल की खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल और दरवाजों में मजबूत लॉक और लैच होना भी अनिवार्य कर दिया गया है।

पुरुषों की एंट्री पर रोक

छात्राओं की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हॉस्टल के लिविंग एरिया में पुरुषों (रिश्तेदारों सहित) का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। आगंतुकों के लिए अलग से एक विजिटर रूम बनाना होगा, जहां मिलने आने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करना होगा। रात की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, हॉस्टल के कॉमन एरिया में स्थानीय थाने, महिला हेल्प डेस्क, अभय ब्रिगेड और आपातकालीन नंबर 112 के पोस्टर प्रमुखता से लगाने होंगे।

अभय ब्रिगेड करेगी रोजाना मॉनिटरिंग

पुलिस की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 'अभय ब्रिगेड' की टीम रोजाना हॉस्टल का दौरा करेगी और वहां रह रही छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझेगी। अगर कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है या आपात स्थिति होती है, तो वार्डन को तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचित करना होगा। हर महीने की 15 तारीख तक जिला पुलिस अधिकारियों को इन नियमों के पालन की प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी होगी।

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