Patna NEET Student Death Case: पटना नीट छात्रा मौत मामला संसद पहुंचा, पप्पू यादव बोले- डॉक्टर से पुलिस तक मिलीभगत

NEET Student Death Case: सांसद पप्पू यादव ने संसद में प्रदर्शन कर हॉस्टल, डॉक्टर और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
Patna NEET Student Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब बिहार से निकलकर दिल्ली तक गूंजने लगा है। इस केस को लेकर पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया और छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में हॉस्टल प्रबंधन, डॉक्टर और स्थानीय पुलिस की आपसी मिलीभगत है।
संसद परिसर में पप्पू यादव का प्रदर्शन
बुधवार को संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि यह कोई साधारण मामला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि छात्रा की मौत के पीछे एक संगठित सिस्टम काम कर रहा है, जो शुरुआत से ही सबूत मिटाने और मामले को दबाने की कोशिश करता रहा है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को लगातार डराया और परेशान किया जा रहा है।
Delhi: On the NEET student death case in Patna, Purnia MP Pappu Yadav says, "Even daughters are being divided on the basis of caste… No doctor has been arrested or questioned yet…" pic.twitter.com/cic0FhcpF5
— IANS (@ians_india) January 28, 2026
हॉस्टल, डॉक्टर और पुलिस पर गंभीर आरोप
सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि हॉस्टल संचालक, इलाज करने वाले डॉक्टर और थाने की पुलिस तीनों एक-दूसरे से मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रा के कमरे से नींद की गोली मिलने की बात कही गई, लेकिन बाद में कमरे को पूरी तरह साफ कर दिया गया। उनके अनुसार, जरूरी सबूत जानबूझकर हटाए गए ताकि सच्चाई सामने न आ सके।
FIR में देरी और पोस्टमार्टम पर सवाल
पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि घटना 6 जनवरी की है, तो एफआईआर 9 जनवरी को क्यों दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना के पीएमसीएच अस्पताल में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को प्रभावित करने की कोशिश की गई। जब मामला बिगड़ने लगा तो उसे एम्स भेजकर दिशा बदलने का प्रयास किया गया।
कैसे हुई थी नीट छात्रा की मौत?
मृत छात्रा जहानाबाद जिले की रहने वाली थी और पटना में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। 6 जनवरी को वह अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चार दिन तक इलाज चला और फिर उसकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था।
परिजनों का आरोप- रेप के बाद हत्या
छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस के आत्महत्या वाले दावे को खारिज करते हुए रेप और हत्या का आरोप लगाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया। बढ़ते दबाव के बीच जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया।
डीएनए जांच में बड़ा खुलासा
अब तक की जांच में सामने आया है कि छात्रा के अंडरगारमेंट से एक पुरुष का वीर्य मिला है। इस आधार पर पुलिस ने कई संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
जांच एजेंसियों पर भी उठे सवाल
पप्पू यादव ने एसआईटी और सीआईडी की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि जांच एजेंसियां बड़े और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
