Muzaffarpur Murder Case: मुजफ्फरपुर की एक अदालत ने चार साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अपना फैसला सुना दिया है। अपनी प्रेमिका के पति की निर्मम हत्या कर लाश के टुकड़े ड्रम में छिपाने के दोषी सुभाष कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा था, जिसमें आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शव को नमक डालकर गलाने की कोशिश की थी।
अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
मुजफ्फरपुर के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-16 ने सोमवार को इस जघन्य हत्याकांड पर सुनवाई करते हुए सुभाष कुमार को दोषी करार दिया। कोर्ट ने सुभाष को हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इसके अलावा, साक्ष्य मिटाने की कोशिश करने के आरोप में उसे तीन साल की अतिरिक्त जेल और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। दोषी सुभाष कुमार सिकंदरपुर थाने के अखाड़ा घाट बांध रोड का निवासी है।
प्रेम प्रसंग और जघन्य हत्याकांड का खुलासा
यह पूरा मामला नगर थाना के बालूघाट मोहल्ले का है। मृतक राकेश सहनी अपनी पत्नी राधा देवी के साथ वहां किराए के कमरे में रहता था। पुलिस जांच और एफआईआर के अनुसार, राधा देवी का सुभाष कुमार के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसका राकेश विरोध करता था। इसी विरोध के कारण सुभाष ने राकेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने राकेश के शव के टुकड़े-टुकड़े किए और उन्हें एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में भरकर ऊपर से नमक डाल दिया ताकि लाश जल्दी गल जाए और किसी को भनक न लगे।
विस्फोट और आग ने खोला खौफनाक राज
इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा एक आकस्मिक घटना से हुआ। 18 सितंबर 2021 की रात, राधा के बंद कमरे में अचानक एक विस्फोट हुआ और आग लग गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर जब फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने पहुंची, तो कमरे के अंदर का नजारा देखकर दंग रह गई। अगले दिन 19 सितंबर की सुबह पुलिस ने कमरे में रखे उसी नीले ड्रम से शव के अवशेष बरामद किए।
इस घटना के बाद आरोपी सुभाष अपनी प्रेमिका राधा के साथ भागने की फिराक में था, लेकिन 22 सितंबर 2021 को पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन से दबोच लिया।
परिजनों ने लगाया था गंभीर आरोप
मृतक राकेश के भाई दिनेश सहनी ने इस मामले में नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने राधा देवी, उसकी बहन कृष्णा देवी, साढ़ू विकास और प्रेमी सुभाष कुमार को मुख्य आरोपी बनाया था। दिनेश ने पुलिस को बताया था कि सुभाष और राधा के अवैध संबंधों की जानकारी राकेश को हो गई थी, जिसके बाद से ही उसकी जान पर खतरा मंडरा रहा था।
इस मामले में अपर लोक अभियोजक अरविंद कुमार ने कोर्ट में पुख्ता गवाह और वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए, जिसके आधार पर सुभाष को दोषी करार दिया गया।