Gaya Junction Accident: बिहार के गया जंक्शन पर सोमवार दोपहर उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब नई दिल्ली जाने वाली 12397 महाबोधि एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर लग रही थी। ट्रेन को वाशिंग पिट से लाकर जैसे ही प्लेटफॉर्म पर लगाया जा रहा था, जनरल कोच में सीट कब्जाने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ दौड़ पड़ी। इसी आपाधापी में दो यात्री अपना संतुलन खो बैठे और सीधे पटरी पर जा गिरे। ट्रेन के नीचे आने से दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों की हुई पहचान
हादसे के बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मृतकों के पास मिले आधार कार्ड से उनकी पहचान हुई है। एक मृतक सरयू प्रसाद (पिता गनौरी साहब) जहानाबाद जिले के डेहरी थाना क्षेत्र का रहने वाला था। वहीं, दूसरा यात्री खालिद आलम (पिता खुर्शीद आलम) गया जिले के बाराचट्टी थाना अंतर्गत भगहर गांव का निवासी था। दोनों यात्रियों के पास दिल्ली जाने का जनरल टिकट बरामद हुआ है। पुलिस ने घटना की सूचना परिजनों को दे दी है।
चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश पड़ी भारी
प्रत्यक्षदर्शियों और रेलवे सूत्रों के अनुसार, जीआरपी और आरपीएफ के जवान प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे और लगातार यात्रियों को चलती ट्रेन में न चढ़ने की चेतावनी दे रहे थे। इसके बावजूद, जनरल डिब्बे में जगह पाने के लालच में यात्री जान जोखिम में डालकर दौड़ रहे थे। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म की तरफ बढ़ी, दोनों यात्री कोच का हैंडल पकड़ने की कोशिश में फिसलकर नीचे चले गए। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए, जिसे देख वहां मौजूद अन्य यात्री सहम गए।
50 मिनट देरी से रवाना हुई ट्रेन
हादसे के तुरंत बाद रेल थाना अध्यक्ष शिवकुमार यादव और आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव अपनी टीमों के साथ पहुंचे। राहत कार्य के दौरान ट्रैक से शवों को हटाया गया और कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। इस पूरी कवायद के कारण महाबोधि एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 50 मिनट की देरी से दिल्ली के लिए रवाना हो सकी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है।
बता दें कि गया से दिल्ली के लिए महाबोधि एक्सप्रेस सबसे प्रमुख ट्रेन है, जिस कारण इसमें हमेशा भारी भीड़ रहती है। खासकर जनरल कोच में चढ़ने के लिए अक्सर ऐसी खतरनाक स्थिति पैदा होती है।
