बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी से शुरू हो रही है। बोर्ड ने समय और प्रवेश नियमों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले गेट बंद हो जाएंगे। जानें पूरी गाइडलाइन।

Bihar Board Matric Exam 2026: बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक राज्य के सभी जिलों में आयोजित की जाएगी। बोर्ड ने सोशल मीडिया के माध्यम से सूचित किया है कि परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शुरू होगी।

छात्रों को ध्यान देना चाहिए कि परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने से ठीक 30 मिनट पहले बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

जबरदस्ती प्रवेश पर होगी कड़ी कार्रवाई
बोर्ड ने छात्रों को चेतावनी दी है कि वे दीवार फांदकर या जबरदस्ती गेट खोलकर केंद्र में प्रवेश करने की कोशिश न करें। ऐसा करना 'क्रिमिनल ट्रेपास' (अवैध प्रवेश) माना जाएगा। अगर कोई छात्र अवैध रूप से प्रवेश करते हुए पाया जाता है, तो उसे 2 साल के लिए परीक्षा से निष्कासित कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।

इसके साथ ही, उन केंद्र अधीक्षकों या अधिकारियों पर भी कानूनी कार्रवाई और निलंबन की गाज गिरेगी जो नियमों के खिलाफ जाकर देरी से आने वालों को प्रवेश देंगे।

परीक्षा का विस्तृत शेड्यूल और समय
छात्रों को भीड़ से बचने के लिए केंद्र पर निर्धारित समय से काफी पहले पहुंचने की सलाह दी गई है:

  • प्रथम पाली (सुबह): परीक्षा 09:30 AM पर शुरू होगी। प्रवेश की अंतिम समय सीमा 09:00 AM है। छात्रों को 08:30 AM तक केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।
  • द्वितीय पाली (दोपहर): परीक्षा 02:00 PM पर शुरू होगी। प्रवेश की अंतिम समय सीमा 01:30 PM है। छात्रों को 01:00 PM तक केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।

कंट्रोल रूम और सहायता नंबर
परीक्षा के दौरान किसी भी समस्या या शिकायत के लिए बोर्ड ने एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया है। छात्र, अभिभावक या शिक्षा विभाग के सदस्य फोन नंबर 0612-2232257 या 0612-223222 पर संपर्क कर सकते हैं। यह कंट्रोल रूम 16 फरवरी की सुबह 6:00 बजे से सक्रिय हो गया है और 25 फरवरी की शाम 6:00 बजे तक चौबीसों घंटे चालू रहेगा।

कदाचार मुक्त परीक्षा का संकल्प
बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार छात्रों की प्रतिभा और क्षमता का सम्मान करने के लिए कदाचार मुक्त (Malpractice-free) परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों से अपील की कि वे ईमानदारी से परीक्षा देकर बिहार को फिर से 'ज्ञान की भूमि' के रूप में स्थापित करने और भारत को 'विश्वगुरु' बनाने की दिशा में अपना बहुमूल्य योगदान दें।