NEET छात्रा मौत मामला: SIT जांच पर पिता ने उठाए सवाल, न्याय न मिलने पर आत्मदाह तक की चेतावनी

NEET Student Death Case SIT Investigation
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पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत पर SIT जांच से पिता असंतुष्ट हैं।

पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत पर SIT जांच से पिता असंतुष्ट हैं। न्यायिक निगरानी में जांच की मांग की और SIT पर प्रताड़ना के आरोप लगाए।

NEET Student Death Case: पटना में एक हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज होती जा रही है। विपक्ष जहां सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है, वहीं प्रशासन जांच में तेजी का दावा कर रहा है। इसके बावजूद मृत छात्रा के पिता मौजूदा जांच से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।

जांच प्रक्रिया पर नहीं है भरोसा: पिता

छात्रा के पिता ने साफ शब्दों में कहा है कि विशेष जांच टीम (SIT) की कार्रवाई से उन्हें कोई भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि अब तक की जांच में सच्चाई सामने नहीं आई है और मामले को भटकाया जा रहा है। इसी कारण उन्होंने पूरे केस की निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग रखी है।

न्याय न मिलने पर कठोर कदम की चेतावनी

मीडिया से बातचीत में पिता ने भावुक होते हुए कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह बेहद कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। उन्होंने यहां तक चेतावनी दी कि उनकी आवाज अगर नहीं सुनी गई तो वह आत्मदाह जैसा फैसला भी कर सकते हैं।

SIT पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप

छात्रा के पिता ने SIT टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जांच दल बार-बार उनके घर पहुंच रहा है और अब तक दो बार पूछताछ कर चुका है। आरोप है कि जांच का रुख पीड़ित परिवार को ही संदिग्ध ठहराने जैसा है, जिससे उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

पुलिस कार्रवाई से भी नहीं संतुष्ट

पिता ने बताया कि उन्हें दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जानकारी दी गई है, लेकिन जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, वे इसे अधूरी कार्रवाई मानते हैं। उनके अनुसार, केवल निलंबन से सच्चाई नहीं छिपाई जा सकती।

हॉस्टल प्रबंधन पर सीधा आरोप

परिवार का दावा है कि इस पूरे मामले के लिए हॉस्टल प्रबंधन जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल, अस्पताल और पुलिस की आपसी मिलीभगत के चलते उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल पाया। पिता ने कहा कि दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

पोस्टमार्टम के बाद बदला पुलिस का रुख

शुरुआत में पुलिस ने यौन हिंसा की संभावना से इनकार किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस को अपना बयान बदलना पड़ा। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और सरकार से लेकर प्रशासन तक हरकत में आया।

DNA जांच और CID की एंट्री

फिलहाल एफएसएल जांच में मिले जैविक साक्ष्यों का डीएनए प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है। गिरफ्तार अभियुक्त के डीएनए सैंपल का भी मिलान कराया जाएगा। इस बीच जांच को और व्यापक बनाने के लिए सीआईडी को भी मामले में शामिल कर लिया गया है।

दो थाना अधिकारियों पर गिरी गाज

मामले में लापरवाही के आरोप में चित्रगुप्तनगर थाना प्रभारी रोशनी कुमारी और कदमकुआं के अपर थानाध्यक्ष को निलंबित किया जा चुका है। प्रशासन का दावा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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