Bihar Bhavan In Mumbai: मुंबई में बनेगा बिहार भवन, 30 मंजिला इमारत में मरीजों के लिए उपलब्ध होगी खास सुविधा

मुंबई में बनेगा बिहार भवन, 30 मंजिला इमारत पर 314 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
Bihar Bhavan In Mumbai News: बिहार से इलाज के लिए मुंबई जाने वाले हजारों लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। दिल्ली की तर्ज पर अब मुंबई में भी बिहार भवन बनाने का फैसला लिया गया है। नीतीश सरकार ने 30 मंजिला अत्याधुनिक बिहार भवन के निर्माण को हरी झंडी दे दी है, जिस पर 314 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। यह भवन खास तौर पर इलाज के लिए मुंबई आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
314 करोड़ रुपये की लागत को मिली मंजूरी
राज्य सरकार ने मुंबई में बनने वाले बिहार भवन के लिए कुल 314 करोड़ 20 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस प्रस्ताव को बिहार कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। भवन निर्माण विभाग द्वारा इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना राज्य के बाहर रहने वाले बिहारवासियों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगी।
इलाज कराने आने वालों को मिलेगी बड़ी राहत
मुंबई देश का सबसे बड़ा मेडिकल हब माना जाता है, जहां कैंसर और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बिहार से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। होटल और निजी लॉज महंगे होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी होती है। नया बिहार भवन इन लोगों को कम खर्च में सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव उपलब्ध कराएगा।
मुंबई में कहां बनेगा बिहार भवन?
प्रस्तावित बिहार भवन मुंबई के एलिफिंस्टन एस्टेट इलाके में बनाया जाएगा, जो मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के अंतर्गत आता है। करीब 0.68 एकड़ जमीन पर बनने वाली यह इमारत बेसमेंट समेत लगभग 30 मंजिला होगी। इसकी कुल ऊंचाई करीब 69 मीटर रखी जाएगी। डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि प्रशासनिक कामकाज, बैठकें और ठहरने की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों।
बिहार भवन में मिलेंगी ये खास सुविधाएं
मुंबई में बनने वाले बिहार भवन में मरीजों और उनके परिजनों के लिए 240 बेड की डॉरमेट्री बनाई जाएगी। इसके अलावा सरकारी कार्यालय, मीटिंग हॉल, रिहायशी कमरे और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी। इसका उद्देश्य बिहार से आने वाले लोगों को मुंबई जैसे महंगे शहर में सहारा देना है।
राज्य से बाहर रहने वाले बिहारियों के लिए बड़ी पहल
बिहार सरकार का यह फैसला राज्य से बाहर रहने वाले लोगों के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ इलाज के दौरान लोगों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि बिहार सरकार की मौजूदगी भी देश की आर्थिक राजधानी में मजबूत होगी।
