मणिपुर में 'कमल' के साथ खड़ा हुआ 'तीर': वाई खेमचंद ने ली CM पद की शपथ, जदयू के समर्थन से बढ़ी बीजेपी की ताकत

Manipur New Government Supported JDU
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मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटने के बाद बनने वली नई भाजपा सरकार को जेडीयू का समर्थन मिला है।

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटने के बाद भाजपा सरकार को जेडीयू का समर्थन मिला है। वाई खेमचंद सिंह ने मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में राजनीतिक हालात स्थिर होने के बाद नई सरकार का गठन हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में बनने वाली सरकार को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का भी समर्थन मिला है। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव और नॉर्थ ईस्ट प्रभारी आफाक अहमद ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है, जिससे बीजेपी को बहुमत के मोर्चे पर मजबूती मिली।

वाई खेमचंद सिंह ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

राष्ट्रपति शासन हटाए जाने के बाद भाजपा नेता वाई खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार का गठन किया हुआ। खेमचंद सिंह बुधवार शाम मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मणिपुर में जेडीयू का फिलहाल एक ही विधायक है, लेकिन उसका समर्थन राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।

2022 में टूटा था जेडीयू का कुनबा

गौरतलब है कि साल 2022 में नीतीश कुमार के एनडीए छोड़ने के बाद मणिपुर में जेडीयू के 6 में से 5 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके बाद जेडीयू ने तत्कालीन एन बीरेन सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया था, जिससे राज्य की राजनीति में खटास बढ़ गई थी।

हिंसा के बाद लगा था राष्ट्रपति शासन

मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई हिंसा ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। महीनों तक चले तनाव और हिंसक घटनाओं के बाद फरवरी 2025 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था।

बीजेपी के पास सबसे अधिक विधायक

60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में बीजेपी के पास सबसे अधिक 37 विधायक हैं, जिनमें जेडीयू से टूटकर आए 5 विधायक भी शामिल हैं। इसके अलावा एनपीएफ के 5 और जेडीयू के एक विधायक का समर्थन भी बीजेपी को हासिल है। हालांकि, एनपीपी ने हिंसा के बाद सरकार से दूरी बना ली थी और उसके पास 7 विधायक हैं।

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