बिहार राजनीति गरमाई: कांग्रेस-राजद गठबंधन टूटने की अटकलों पर जीतनराम मांझी का तंज, कहा- देर से लिया गया फैसला, लेकिन सही

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कांग्रेस-राजद गठबंधन टूटने की अटकलों के बीच केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने कहा- राजद से जुड़कर कांग्रेस भी नकारात्मक बनी। (फाइल फोटो)

कांग्रेस-राजद गठबंधन टूटने की अटकलों के बीच केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने कहा- देर से लिया गया फैसला, लेकिन सही। दिल्ली बैठक के बाद बिहार राजनीति गरमाई।

Bihar Politics News: बिहार की राजनीति में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच गठबंधन टूटने की चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री और एनडीए सहयोगी जीतनराम मांझी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कांग्रेस के संभावित फैसले पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि अगर पार्टी को अब राजद से अलग होने का विचार आ रहा है, तो यह फैसला “बहुत देर से लिया गया, लेकिन सही दिशा में है।” मांझी के इस बयान ने सियासी हलकों में हलचल और तेज कर दी है।

'राजद से जुड़कर कांग्रेस भी नकारात्मक बनी'

जीतनराम मांझी ने कहा कि कांग्रेस ने जिस पार्टी के साथ गठबंधन किया था, उससे बिहार में कुछ सीमित लोगों को छोड़कर आम जनता में गहरी नाराजगी रही है। उनके मुताबिक, राजद के साथ खड़े होने के कारण कांग्रेस भी उसी नकारात्मक छवि की शिकार हो गई, जिससे उसे राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा। मांझी ने कहा कि अगर कांग्रेस नेतृत्व अब यह समझ रहा है कि गठबंधन उनके लिए घाटे का सौदा रहा, तो यह आत्ममंथन जरूरी था।

'देर से सही, लेकिन फैसला दुरुस्त'

मांझी ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि अब उन्हें राजद से नाता तोड़ने की जरूरत महसूस हो रही है, तो वे सिर्फ इतना ही कहेंगे कि 'बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते।' हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि भले ही फैसला देर से आया हो, लेकिन यह राजनीतिक रूप से दुरुस्त कदम माना जा सकता है।

दिल्ली बैठक में उठा गठबंधन पर सवाल

इस सियासी बयानबाजी की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक हुई थी। बैठक में पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों ने राजद के साथ गठबंधन को असहज और नुकसानदेह बताया। सूत्रों के अनुसार, अधिकांश विधायक इस गठबंधन को आगे जारी रखने के पक्ष में नहीं दिखे, जबकि कुछ वरिष्ठ नेता अब भी इसे बनाए रखने की वकालत कर रहे हैं।

कांग्रेस और राजद एक-दूसरे पर फोड़ रहे हार का ठीकरा

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से ही कांग्रेस और राजद एक-दूसरे पर चुनावी असफलता की जिम्मेदारी डालते रहे हैं। कांग्रेस के कई नेताओं का मानना है कि राजद के साथ गठबंधन ने पार्टी की स्वतंत्र पहचान को कमजोर किया, जबकि राजद की ओर से भी कांग्रेस पर जमीनी पकड़ न होने के आरोप लगाए गए।

कांग्रेस में टूट की अटकलें थमीं

इसी बीच बिहार कांग्रेस में टूट की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। हालांकि, प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, नेतृत्व परिवर्तन को लेकर एक सर्च कमेटी गठित की जाएगी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर जून के बाद कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। बैठक में राहुल गांधी ने सभी छह विधायकों से व्यक्तिगत मुलाकात की और विधायकों के टूट की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया।

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