Jehanabad News: जलेबी को लेकर बवाल, पंचायत भवन में भिड़े दो गुट; एक युवक गंभीर रूप से घायल

जहानाबाद के गोनवां पंचायत में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान जलेबी वितरण को लेकर विवाद हिंसा में बदल गया।
Jehanabad News: जहानाबाद जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत गोनवां पंचायत सरकार भवन में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम उस समय विवाद का केंद्र बन गया, जब झंडोत्तोलन के बाद प्रसाद वितरण के दौरान जलेबी को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई।
जलेबी कम पड़ते ही भड़का विवाद
जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी को पंचायत सरकार भवन परिसर में मुखिया अमरनाथ सिंह ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर झंडोत्तोलन किया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद परंपरा के अनुसार बच्चों और ग्रामीणों के बीच जलेबी का वितरण शुरू हुआ, लेकिन जलेबी की संख्या कम होने के कारण कुछ बच्चों में नाराजगी फैल गई।
कहासुनी से लाठी-डंडों तक पहुंचा मामला
जलेबी को लेकर बच्चों और मुखिया के साथ आए समर्थकों के बीच पहले तीखी बहस हुई। थोड़ी ही देर में यह विवाद बढ़ता चला गया और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे। देखते ही देखते पंचायत भवन परिसर रणक्षेत्र में बदल गया और ग्रामीण भी आमने-सामने आ गए।
मुखिया को छिपकर बचानी पड़ी जान
स्थिति पूरी तरह बेकाबू होते देख मुखिया अमरनाथ सिंह अपने समर्थकों के साथ पंचायत सरकार भवन के अंदर चले गए और गेट बंद कर खुद को सुरक्षित किया। इसी दौरान आक्रोशित लोगों ने मुखिया की गाड़ी को निशाना बनाया और लाठी-डंडों से वाहन के शीशे तोड़ दिए, जिससे गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
बीच-बचाव में युवक गंभीर रूप से घायल
इस हिंसक झड़प में गोनवां गांव निवासी रमाकांत पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल युवक ने बताया कि वह विवाद को शांत कराने पहुंचे थे, तभी उन पर डंडे से हमला किया गया। इस हमले में उनका हाथ टूट गया और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं। उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल जहानाबाद में भर्ती कराया गया है।
मुखिया का पक्ष: जानबूझकर मारपीट नहीं की
घटना को लेकर मुखिया अमरनाथ सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि बच्चे जलेबी लेकर भाग रहे थे और उन्हें रोकने के दौरान गलतफहमी पैदा हुई। उन्होंने किसी भी तरह की जानबूझकर मारपीट से इनकार किया है।
पुलिस जांच में जुटी, FIR की तैयारी
सदर थाना प्रभारी श्यामाकांत पांडे ने बताया कि मुखिया की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
