Bihar News: आरसीपी सिंह और प्रशांत किशोर की JDU में वापसी पर विराम, ललन सिंह ने कहा- अब जरूरत नहीं

जेडीयू में आरसीपी सिंह और प्रशांत किशोर की वापसी की अटकलों पर ललन सिंह ने दिया दो-टूक जवाब। (फाइल फोटो)
Bihar Politics News: बिहार की राजनीति में इन दिनों जनता दल यूनाइटेड (JDU) में संभावित वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इन अटकलों पर स्पष्ट ब्रेक लगा दिया है। केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर दोनों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
आरसीपी सिंह पर ललन सिंह का दो-टूक बयान
ललन सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि जेडीयू को अब आरसीपी सिंह की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि जब आरसीपी सिंह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और सीटों की संख्या 71 से घटकर 42 पर सिमट गई थी। उनके मुताबिक, पार्टी अब ऐसे प्रयोग दोहराने के मूड में नहीं है।
प्रशांत किशोर की वापसी की अटकलें भी खारिज
जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर को लेकर उठ रही चर्चाओं पर भी ललन सिंह ने विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर और आरसीपी सिंह—दोनों को जनता पहले ही नकार चुकी है। ललन सिंह ने यह भी याद दिलाया कि प्रशांत किशोर ने एक समय दावा किया था कि जेडीयू 25 सीटों तक सिमट जाएगी और नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री के तौर पर यह आखिरी कार्यकाल होगा।
प्रशांत किशोर की जेडीयू में वापसी के प्रश्न पर ललन सिंह कैसे मौज ले रहे हैं pic.twitter.com/nHvxdAVUDR
— हर्ष वर्धन त्रिपाठी 🇮🇳Harsh Vardhan Tripathi (@MediaHarshVT) January 19, 2026
चुनावी आंकड़ों से दिया जवाब
ललन सिंह ने कहा कि वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट रही। नीतीश कुमार के नेतृत्व में जेडीयू ने चुनाव में न सिर्फ बेहतर प्रदर्शन किया, बल्कि सीटों की संख्या 42 से बढ़कर 85 तक पहुंच गई। साथ ही नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के बाद प्रशांत किशोर की राजनीतिक हैसियत क्या रह गई, यह सबके सामने है।
जन सुराज की हार के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं
हालिया चुनावों में जन सुराज पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि प्रशांत किशोर जेडीयू में लौट सकते हैं। इसी तरह आरसीपी सिंह के बयान के बाद भी राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हुई थीं। हालांकि, ललन सिंह के इस बयान ने इन सभी चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगा दिया है।
आरसीपी सिंह का पुराना बयान बना चर्चा की वजह
गौरतलब है कि आरसीपी सिंह ने हाल ही में यह कहा था कि वे और नीतीश कुमार कभी वास्तव में अलग नहीं हुए। उन्होंने दोनों के बीच लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक रिश्तों का हवाला दिया था। इसके बावजूद जेडीयू नेतृत्व के मौजूदा रुख से साफ है कि पार्टी भविष्य की राजनीति में पीछे की ओर देखने के बजाय आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
