बिहार भूमि अभियान: 45 दिन में रद्द होगी 7 तरह की जमीन की जमाबंदी, सरकार ने बनाया मेगा प्लान

Bihar Jamabandi Cancellation Government Land
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बिहार सरकार ने अवैध और फर्जी जमाबंदी के खिलाफ 45 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया।

बिहार सरकार ने अवैध और फर्जी जमाबंदी के खिलाफ 45 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया। जानें किन 7 प्रकार की जमीन पर होगी कार्रवाई और कैसे प्रभावित होंगे नागरिक।

Bihar Land Records 2026: बिहार सरकार ने राज्य में सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्जे और फर्जी जमाबंदी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जिन सरकारी जमीनों की जमाबंदी निजी व्यक्तियों के नाम पर गलत तरीके से की गई है, उन्हें 45 दिनों के भीतर रद्द किया जाएगा।

अभियान का दायरा और जिम्मेदारी

अपर समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे पुराने और वर्तमान राजस्व अभिलेखों की जांच कर सभी फर्जी जमाबंदी को चिन्हित करें। प्रत्येक जिला स्तर पर अधिकारी जिम्मेदार होंगे कि वे समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।

प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने स्पष्ट किया कि 3 जून 1974 से अंचल अधिकारी अपने क्षेत्र की सरकारी जमीन के संरक्षक हैं। उनके कार्यकाल में किसी भी अवैध कब्जे या जमाबंदी की पुष्टि होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

किन 7 प्रकार की जमीन पर होगी कार्रवाई?

सरकार ने 7 मुख्य श्रेणियों की जमीन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है:

  1. गैर मजरुआ आम जमीन
  2. कैसरे-हिंद की जमीन
  3. खास महाल की जमीन, जिसकी विधिसम्मत बंदोबस्ती नहीं हुई
  4. जिला परिषद, नगर पंचायत, नगर निगम और ग्राम पंचायत की भूमि
  5. सरकारी विभाग, बोर्ड या निगम की जमीन
  6. धार्मिक न्यास बोर्ड या मान्यता प्राप्त ट्रस्ट की भूमि
  7. गौशाला और केंद्र सरकार की भूमि, जिस पर अवैध जमाबंदी है

इन सभी मामलों में अपर समाहर्ता जमाबंदी रद्द करने और जमीन को वापस सरकारी नियंत्रण में लाने के लिए जिम्मेदार होंगे।

45 दिनों की समय-सीमा

सरकार ने पूरे अभियान के लिए 45 दिन की सीमा तय की है। सभी अंचल अधिकारी और जिलाधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि चिन्हित फर्जी जमाबंदी को समय पर रद्द किया जाए।

लैंड बैंक और भविष्य की योजनाएं

अवैध जमाबंदी रद्द करने के बाद जिला और अंचल स्तर पर लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य भविष्य में सरकारी योजनाओं, विकास और निर्माण कार्यों के लिए जमीन उपलब्ध कराना आसान बनाना है।

सरकार का साफ संदेश

बिहार सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अब सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 45 दिनों के भीतर इस अभियान के परिणाम राज्य में भूमि विवादों और फर्जी जमाबंदी पर कड़ा असर डालेंगे।

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