NEET छात्रा की मौत से भी नहीं जागा सिस्टम: बिहार में फिर दरिंदगी, ट्यूशन से लौट रही छात्रा को उठा ले गए दरिंदे

बक्सर में ट्यूशन से लौट रही छात्रा को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
Bihar Crime News: पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि बिहार से एक और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आ गई। इस नई घटना ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बक्सर जिले में ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही एक छात्रा को बीच सड़क से अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया गया।
बीच सड़क से उठा ले गए, भाई को बनाया बंधक
घटना बक्सर जिले के वैना नगर मार्ग स्थित दंगौली पुल के पास की बताई जा रही है। छात्रा ट्यूशन से लौटते समय अपने भाई के साथ थी। इसी दौरान बाइक पर सवार युवक वहां पहुंचे और जबरन छात्रा को उठा ले गए। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके भाई को पकड़ लिया, हाथ-पैर बांध दिए और उसे वहीं बंधक बना दिया।
मवेशियों के बथान में ले जाकर की दरिंदगी
आरोपी छात्रा को जबरन सोनवर्षा थाना क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में ले गए। यहां मवेशियों के बथान में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
परिजनों का फूटा गुस्सा, पुलिस पर उठे सवाल
घटना के बाद पीड़िता के परिजन थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस गश्त होती, तो शायद यह वारदात रोकी जा सकती थी। उनका आरोप है कि हाल के दिनों में लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ बयानबाजी तक सीमित है।
आरोपी हिरासत में
सोनवर्षा थाना पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
थाना प्रभारी का बयान
सोनवर्षा थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में और लोग शामिल थे या नहीं।
NEET छात्रा कांड के बाद भी सवाल बरकरार
पटना में NEET छात्रा की मौत ने पहले ही राज्य की कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया था। अब बक्सर की यह घटना साफ संकेत देती है कि न तो अपराधियों में कानून का डर है और न ही सिस्टम ने कोई सबक लिया है। बिहार में बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई और गहरी होती जा रही है।
