बिहार में ERSS चालकों को बड़ी राहत: मानदेय बढ़कर ₹30,000 हुआ, 4,426 पदों पर होगी भर्ती

बिहार सरकार ने ERSS चालकों का मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया है। (फाइल फोटो)
Bihar ERSS Driver salary hike: बिहार सरकार ने इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के तहत कार्यरत चालकों को बड़ी राहत दी है। राज्य में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने इन चालकों की सेवा अवधि बढ़ाने के साथ-साथ उनके मानदेय में भी इजाफा करने का फैसला लिया है।
सेवा अवधि को एक साल का विस्तार
ERSS के अंतर्गत फिलहाल सेना से सेवानिवृत्त चालकों की सेवाएं ली जा रही हैं। पहले इनकी सेवा अवधि मार्च 2026 तक बढ़ाई गई थी, जो अब समाप्ति की ओर थी। ऐसे में सरकार ने इमरजेंसी सेवाओं में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए इन चालकों की सेवा अवधि को एक वर्ष और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
मानदेय में बढ़ोतरी, वर्दी भत्ता भी मिलेगा
सरकार ने चालकों के मासिक मानदेय में भी अहम बढ़ोतरी की है। पहले जहां ERSS चालकों को 25,000 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे थे, अब इसे बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अलावा चालकों को 4,000 रुपये का वार्षिक वर्दी भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।
4,426 पदों पर होगी बहाली
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि ERSS परियोजना के तहत कुल 4,426 चालक पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 3,418 चालक सिपाही और 1,009 चालक हवलदार के पद शामिल हैं। इन पदों पर भर्ती और प्रशिक्षण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसके पूरा होने में अभी समय लग सकता है।
आपातकालीन सेवाओं की रीढ़ है ERSS
ERSS बिहार की एक अहम आपातकालीन सेवा है, जो सड़क दुर्घटनाओं, स्वास्थ्य आपात स्थिति, कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसे मामलों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराती है। चालकों से जुड़े इस फैसले को सरकार ने सिस्टम की निरंतरता और प्रभावशीलता के लिए जरूरी बताया है।
