बिहार इंटर परीक्षा के पहले दिन हंगामा: कहीं गेट पीटती रहीं छात्राएं, कहीं टूट गया ताला, पहले दिन ही मचा बवाल

Bihar Board Inter Exam 2026
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बेगूसराय के जेके प्लस टू स्कूल स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा को लेट पहुंचने के कारण रोके जाने पर परिजनों ने गेट का ताला तोड़ दिया।

बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2026 के पहले दिन कई केंद्रों पर लेट पहुंचने पर छात्रों को रोका गया, जिससे हंगामा हुआ। वहीं कुछ आदर्श केंद्रों पर छात्राओं का फूलों से स्वागत भी किया गया।

Bihar Board Inter Exam 2026: बिहार में आज यानी 2 फरवरी से इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की शुरुआत हो गई। परीक्षा के पहले ही दिन राज्य के कई जिलों में सख्त नियमों को लेकर विवाद और हंगामा देखने को मिला। वहीं, कुछ परीक्षा केंद्रों पर सकारात्मक पहल करते हुए छात्राओं का स्वागत फूल और चंदन से किया गया।

लेट पहुंचने पर नहीं मिली एंट्री, गेट पीटती रहीं छात्राएं

बेगूसराय जिले के बखरी बालिका उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर महज 20 मिनट की देरी से पहुंची तीन छात्राओं को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। छात्राओं का कहना था कि रास्ते में रेलवे फाटक बंद होने के कारण देर हो गई, लेकिन केंद्र प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए प्रवेश से इनकार कर दिया।

इसी तरह सारण जिले में भी सुबह 9 बजे के बाद पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को गेट के बाहर ही रोक दिया गया। कई केंद्रों पर छात्र गेट बजाकर अंदर जाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस और दंडाधिकारियों ने बीएसईबी के निर्देशों का पालन करते हुए सख्ती बरती।

गंगा सिंह कॉलेज केंद्र पर भावुक हुईं छात्राएं

सारण के गंगा सिंह महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर भी देर से पहुंची कुछ छात्राओं को प्रवेश नहीं मिला। नियमों के कारण गेट बंद रहने से कुछ छात्राएं भावुक हो गईं और केंद्र के बाहर रोती नजर आईं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

बेगूसराय में टूटा गेट का ताला, बढ़ा बवाल

बेगूसराय के जेके प्लस टू स्कूल स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा को लेट पहुंचने के कारण रोके जाने पर स्थिति बिगड़ गई। बाहर मौजूद अभिभावकों और स्थानीय लोगों की भीड़ ने गुस्से में आकर गेट का लॉक तोड़ दिया और छात्रा को जबरन अंदर भेज दिया।

हालांकि, केंद्राधीक्षक से बातचीत के बाद छात्रा को फिर बाहर कर दिया गया, जिससे भीड़ और उग्र हो गई। केंद्राधीक्षक नमिता कुमारी ने साफ कहा कि एक मिनट की देरी पर भी प्रवेश की अनुमति नहीं है, जबकि लोगों का दावा था कि छात्रा केवल 10–12 मिनट लेट थी।

परीक्षा केंद्रों पर सख्त जांच व्यवस्था लागू

नकल पर रोक लगाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। परीक्षार्थियों की सघन तलाशी के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया गया। महिला परीक्षार्थियों की जांच महिला शिक्षिकाओं द्वारा पर्दे की व्यवस्था में की गई, ताकि उनकी गरिमा बनी रहे।

जूता-मोजा उतरवाकर हुआ प्रवेश

ठंड के बावजूद कई केंद्रों पर छात्रों से जूता और मोजा उतरवाकर जांच की गई। जांच पूरी होने के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिला। कुछ छात्रों को इससे परेशानी हुई, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह कदम निष्पक्ष परीक्षा के लिए जरूरी है।

आदर्श परीक्षा केंद्रों पर बदला-बदला दिखा माहौल

इसके उलट, राजेंद्र महाविद्यालय छपरा, जेपीएम कॉलेज छपरा, जिला स्कूल छपरा और एच.आर. कॉलेज अमनौर को आदर्श परीक्षा केंद्र घोषित किया गया है। यहां परीक्षार्थियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया और प्रवेश द्वार पर लाल कार्पेट बिछाया गया, जिससे छात्रों को सकारात्मक माहौल मिला।

सीसीटीवी और वीडियोग्राफी से हो रही निगरानी

परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही परीक्षा की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि इंटर परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।

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