बिहार: बैंकों की तय होगी रैंकिंग, खराब प्रदर्शन पर सरकार करेगी ब्लैकलिस्ट, जानें पूरा मामला

बिहार सरकार राज्य में काम कर रहे बैंकों की रैंकिंग तय करेगी।
Bihar Bank Ranking News: बिहार सरकार अब राज्य में बैंकों के कामकाज पर कड़ी नजर रखने की तैयारी में है। इसके लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन का ऐलान किया गया है, जिसकी अध्यक्षता विकास आयुक्त करेंगे। सरकार का साफ संदेश है कि राज्य के विकास में बैंकों की भूमिका अहम है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कृषि क्षेत्र में बैंकों की उदासीनता पर सरकार नाराज
गुरुवार, 22 जनवरी को आयोजित राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 95वीं बैठक में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने खास तौर पर कृषि क्षेत्र में बैंकों के कमजोर प्रदर्शन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में खेती की बड़ी भूमिका है, ऐसे में किसानों को ऋण और बैंकिंग सुविधाओं से वंचित रखना गंभीर मुद्दा है।
100 अंकों के पैमाने पर होगी बैंकों की रैंकिंग
सरकार ने तय किया है कि राज्य में काम कर रहे हर बैंक का 100 अंकों के पैमाने पर मूल्यांकन किया जाएगा। अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाएंगे। इस रैंकिंग सिस्टम में कम से कम 40 अंक हासिल करना अनिवार्य होगा।
Patna, Bihar: Minister Dilip Jaiswal says, “Data shows that banks’ cooperation in Bihar has fallen short of expectations, and their performance has been unsatisfactory. In key schemes such as the Kisan Credit Card, banks have been directed to improve lending and support to… pic.twitter.com/RKRREiE3fi
— IANS (@ians_india) January 22, 2026
खराब प्रदर्शन पर ब्लैकलिस्टिंग की चेतावनी
जो बैंक तय न्यूनतम अंक भी हासिल नहीं कर पाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। ऐसे बैंकों को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और भविष्य में उनके पास सरकारी फंड जमा नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बैंकों पर जिम्मेदारी का दबाव बनेगा।
अच्छा काम करने वाले बैंकों को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों को प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। साथ ही, लोन रिकवरी जैसे मामलों में सरकार बैंकों को हरसंभव सहयोग देने की नीति अपनाएगी।
रैंकिंग के लिए तैयार हुआ विस्तृत फॉर्मेट
वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि बैंकों के मूल्यांकन के लिए विस्तृत फॉर्मेट तैयार कर लिया गया है, जिसे सभी बैंकों को सौंपा जाएगा। अब तक के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी तक 11 बैंक 40 अंकों से ऊपर पहुंच चुके हैं, जबकि 23 बैंक तय मानक से नीचे हैं।
सरकार का संदेश साफ
सरकार का स्पष्ट संकेत है कि अब बैंकिंग सिस्टम में ढिलाई नहीं चलेगी। जो बैंक राज्य के विकास में भागीदार बनेंगे, उन्हें सम्मान मिलेगा, और जो पीछे रहेंगे, उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा।
