Rohit-Virat: 'रोहित-विराट क्यों नहीं खेल सकते...' 'Ro-Ko' की उम्र पर उठ रहे सवाल का धोनी ने दे दिया जवाब

MS Dhoni on Rohit Virat odi future
MS Dhoni on Rohit Virat: पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर चल रही उम्र वाली बहस पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि किसी खिलाड़ी को यह बताने का हक किसी के पास नहीं होना चाहिए कि उसे कब खेलना है या कब नहीं? धोनी ने साथ ही भारतीय टी20 टीम को खतरनाक बताते हुए घर में विश्व खिताब बचाने का भरोसा भी जताया।
स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर जतिन सप्रू को दिए इंटरव्यू में, जिसे एक टाइल और स्टोन इंस्टॉलेशन कंपनी ने आयोजित किया था, धोनी ने भारतीय क्रिकेट के कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। रोहित और विराट के 2027 वनडे विश्व कप खेलने को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने पहले मजाकिया अंदाज में कहा, 'सॉरी, सवाल क्या था? लेकिन बाद में गंभीर होकर बोले क्यों नहीं खेल सकते?'
MS Dhoni wants Virat Kohli and Rohit Sharma to play 2027 World Cup. For me age is not the criteria, performance and fitness are. pic.twitter.com/crHCgntB4M
— Alone man⁴⁵ (@Alone_man45) February 4, 2026
रोहित-विराट क्यों नहीं खेल सकते: धोनी
धोनी ने कहा कि उम्र किसी खिलाड़ी के करियर का पैमाना नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक असली कसौटी प्रदर्शन और फिटनेस है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 24 साल की उम्र में डेब्यू किया था तो किसी ने उन्हें कुछ नहीं बताया और अब इतने साल खेलने के बाद भी उम्र के आधार पर फैसला नहीं होना चाहिए।
'उम्र से नहीं, फिटनेस से सेलेक्शन तय हो'
पूर्व भारतीय कप्तान धोनी ने रोहित और विराट का नाम लेते हुए कहा कि सिर्फ इसलिए कि कोई खिलाड़ी 30 की उम्र पार कर चुका है, यह सवाल उठाना ही गलत है कि वह विश्व कप खेल सकता है या नहीं। क्या उम्र कोई फैक्टर है नहीं? क्या फिटनेस फैक्टर है? हां, फिटनेस जरूर अहम है। अगर आप 22 साल के भी हैं और फिट नहीं, तो आपको टीम में जगह नहीं मिलनी चाहिए, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के कुछ मानदंड होते हैं। चाहे वह रोहित हों, विराट हों या फिर आने वाले 3, पांच या दस साल में उभरने वाले खिलाड़ी, सिर्फ इसलिए कि कोई खिलाड़ी 30 की उम्र पार कर चुका है, यह तय करना हमारा काम नहीं है कि वह अगला विश्व कप खेल सकता है या नहीं।
उन्होंने कहा कि अनुभव रातों-रात नहीं मिलता और 20 या 25 मैच खेलने से कोई खिलाड़ी अनुभवी नहीं बन जाता। असली अनुभव तब आता है जब खिलाड़ी लंबे समय तक दबाव झेलता है और मुश्किल हालात में टीम के लिए प्रदर्शन करता है। धोनी के मुताबिक सही संतुलन के लिए अनुभव और युवा ऊर्जा दोनों जरूरी हैं।
धोनी ने सेलेक्शन प्रोसेस पर भी साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। जो खिलाड़ी फिट हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें टीम में बने रहना चाहिए। वहीं जो फिट नहीं हैं या प्रदर्शन नहीं कर रहे, उन्हें बाहर किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि चयन में किसी व्यक्ति विशेष को लेकर अलग चर्चा नहीं होनी चाहिए। टीम चयन का सिर्फ एक ही आधार होना चाहिए- फिटनेस और प्रदर्शन। इसी सोच के साथ भारत मजबूत टीम बनाकर आगे बढ़ सकता है और बड़े टूर्नामेंट में सफलता हासिल कर सकता है।
