Ranji Trophy: रणजी मैच के बीच यूपी ने प्लेइंग-11 में किया बदलाव, दूसरी बार हुआ ऐसा

Prashant Veer Serious Injury Replacement
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उत्तर प्रदेश ने रणजी ट्रॉफी के मैच के बीच में अपनी प्लेइंग-11 में बदलाव किया। 

Ranji Trophy: प्रशांत वीर की गंभीर चोट के बाद शिवम शर्मा को सीरियस इंजरी रिप्लेसमेंट के तौर पर उत्तर प्रदेश की प्लेइंग-11 में शामिल किया गया। यह रणजी ट्रॉफी में इस नियम का दूसरा इस्तेमाल है, जो कन्कशन सब्स्टीट्यूट से अलग है।

Ranji Trophy: रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश और झारखंड के बीच चल रहे मुकाबले के दौरान एक अहम बदलाव देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर शिवम शर्मा को घायल प्रशांत वीर की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। यह बदलाव मैच के बीच में सीरियस इंजरी रिप्लेसमेंट नियम के तहत किया गया, जो इस घरेलू सीजन में नया है।

प्रशांत वीर को चोट मैच के पहले दिन लंच से पहले फील्डिंग के दौरान लगी थी। वो कंधे के बल गिर गए थे, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा था। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, वीर कम से कम तीन हफ्तों तक क्रिकेट से दूर रहेंगे। इसके बाद मैच रेफरी को मेडिकल रिपोर्ट सौंपी गई और दूसरे दिन की सुबह शिवम शर्मा को आधिकारिक तौर पर टीम में शामिल करने की अनुमति मिल गई।

यह रणजी ट्रॉफी में दूसरी बार है जब सीरियस इंजरी रिप्लेसमेंट नियम का इस्तेमाल हुआ। इससे पहले अक्टूबर 2025 में कोलकाता में खेले गए बंगाल बनाम गुजरात मैच में बंगाल के बल्लेबाज काजी जुनैद सैफी को चोटिल सलामी बल्लेबाज सुदीप चटर्जी की जगह टीम में शामिल किया गया था। काजी ने उस मैच की दूसरी पारी में बल्लेबाजी भी की थी। यह नियम कन्कशन सब्स्टीट्यूट से अलग है। इसमें सिर्फ सिर की चोट ही नहीं, बल्कि ऐसी सभी गंभीर चोटें शामिल हैं, जिनकी वजह से खिलाड़ी आगे मैच खेलने में असमर्थ हो जाए।

मैच की बात करें तो दूसरे दिन झारखंड ने मुकाबले पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपना पांचवां फर्स्ट क्लास शतक जड़ा। झारखंड ने दिन का खेल खत्म होने तक 6 विकेट पर 561 रन बना लिए।

पहले दिन भी झारखंड के ओपनर शरनदीप सिंह ने शतक लगाकर मजबूत नींव रखी थी। वहीं, रिप्लेसमेंट के तौर पर आए शिवम शर्मा ने गेंद से तुरंत असर दिखाया। उन्होंने 18.5 ओवर की गेंदबाजी में दो विकेट झटके, जिनमें सबसे अहम विकेट कुमार कुशाग्र का रहा। कुल मिलाकर, सीरियस इंजरी रिप्लेसमेंट नियम ने एक बार फिर साबित किया कि यह घरेलू क्रिकेट में टीमों को संतुलन बनाए रखने में बड़ी राहत दे रहा।

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