WPL Final: 103 डिग्री बुखार में मैदान पर उतरीं स्मृति मंधाना, 87 रन ठोक RCB को दिलाया दूसरा खिताब

DC Women vs RCB Women WPL Final: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तान स्मृति मंधाना ने विमेंस प्रीमियर लीग 2026 फाइनल में ऐसा जज्बा दिखाया, जिसने हर क्रिकेट फैन का दिल जीत लिया। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में मंधाना ने 41 गेंदों पर 87 रन की धमाकेदार पारी खेली और टीम को 204 रन का बड़ा लक्ष्य हासिल कराने में अहम रोल निभाया। इस जीत के साथ आरसीबी ने दूसरी बार विमेंस प्रीमियर लीग की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
मंधाना ने जॉर्जिया वोल के साथ दूसरे विकेट के लिए 165 रन की शानदार साझेदारी की। वोल ने भी 79 रन बनाए और दोनों ने मिलकर दिल्ली के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। हालांकि मैच के दौरान दोनों बल्लेबाज आउट हो गए, जिससे मुकाबला आखिरी ओवर तक खिंच गया।
Captain Smriti battled overnight fever to lead from the front and play that match winning knock… 🫡
— Royal Challengers Bengaluru (@RCBTweets) February 6, 2026
Head Coach Malo’s words for 3 special players - Shreyanka, Pooja & Sayali, brought smiles on everyone’s faces… 🥹
A message for the next season and more from the dressing room.… pic.twitter.com/W6ToniL5II
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि फाइनल से एक रात पहले मंधाना 103 डिग्री बुखार से जूझ रही थीं। आरसीबी के कोच मलोलन रंगराजन ने ड्रेसिंग रूम में बताया कि मंधाना ने बिना शिकायत किए खुद को फिट रखने के लिए हर संभव कोशिश की और टीम के लिए मैदान पर उतरीं। कोच ने उनके जज्बे की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टीम के लिए पर्दे के पीछे बहुत मेहनत की।
मैच के आखिरी ओवर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जीत के लिए 10 रन चाहिए थे। उस वक्त क्रीज पर राधा यादव और नादिन डी क्लार्क थीं। राधा ने तीसरी और चौथी गेंद पर लगातार दो चौके जड़कर टीम को यादगार जीत दिला दी। इस सीजन मंधाना का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 9 मैच में 377 रन बनाए और टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं। उनका औसत 53.86 और स्ट्राइक रेट 153.25 रहा।
जीत के बाद मंधाना बेहद भावुक नजर आईं और उन्होंने बेंगलुरु टीम के फैंस का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि टीम जहां भी खेलती है, फैंस का जबरदस्त सपोर्ट मिलता है और यह जीत उन्हीं के लिए है। खास बात यह भी रही कि सीजन शुरू होने से पहले एलीस पेरी निजी कारणों से बाहर हो गई थीं। इसके बावजूद RCB ने शानदार प्रदर्शन कर ट्रॉफी जीत ली।
