Ranji Trophy: जिगर मा बड़ी आग है! सरफराज खान ने ठोका दोहरा शतक, गंभीर-अगरकर अब देंगे मौका?

सरफराज खान ने रणजी ट्रॉफी में दोहरा शतक ठोका।
Ranji Trophy: मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि फॉर्म अस्थायी होता लेकिन क्लास परमानेंट। रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद के खिलाफ सरफराज ने जबरदस्त दोहरा शतक जड़कर भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की अपनी दावेदारी को और मजबूत कर दिया। ऐसे समय में जब भारतीय टेस्ट टीम लगातार संघर्ष कर रही है, सरफराज की यह पारी चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए साफ संदेश है।
रणजी ट्रॉफी के दूसरे चरण की शुरुआत में ही सरफराज ने बल्ले से तूफान ला दिया। मुंबई की ओर से नंबर-5 पर उतरते हुए उन्होंने 219 गेंदों में 227 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 19 चौके और 9 छक्के निकले। उनका अंदाज आत्मविश्वास से भरा हुआ था और हर गेंदबाज पर दबाव बनाने वाला।
🚨 200 For Sarfaraz Khan in Ranji trophy against Hyderabad
— Tejash (@Tejashyyyyy) January 23, 2026
Runs - 200
Balls - 206
4/6 - 19/6
SMAT - 100*(47), 52(40), 64(25), 73(22)
VHT - 55(49), 157(75), 62(20)
He smashed 100+ scores in all 3 tournaments
CSK got this beast in Just 75 lakhs 🔥 👊pic.twitter.com/7FUmxg3smz
सरफराज ने ठोका दोहरा शतक
सरफराज की इस पारी की सबसे खास बात रही टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के खिलाफ उनका आक्रामक रवैया। सरफराज ने सिराज की गेंदों पर 39 गेंदों में 45 रन ठोक दिए, जो यह दिखाने के लिए काफी था कि वह इंटरनेशनल लेवल के गेंदबाजों के खिलाफ भी पूरी तरह तैयार हैं। इस दमदार पारी और कप्तान सिद्धेश लाड के शतक की मदद से मुंबई ने पहली पारी में 560 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया और मैच में बढ़त बना ली।
28 साल के सरफराज खान ने 2024 के इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट डेब्यू किया था लेकिन बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद वह धीरे-धीरे चयनकर्ताओं की नजरों से बाहर होते चले गए। ऑस्ट्रेलिया दौरा हो या फिर इंग्लैंड सीरीज, सरफराज हर बार टीम से बाहर रहे। यहां तक कि वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी उन्हें नजरअंदाज किया गया।
हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ 2024 की घरेलू टेस्ट सीरीज में, जो भारत के लिए निराशाजनक रही और जिसमें टीम को व्हाइटवॉश झेलना पड़ा, सरफराज ने 150 रनों की जुझारू पारी खेली थी। इसके बावजूद उन्हें आगे मौके नहीं मिले।
अब जब भारतीय टेस्ट टीम बल्लेबाजी में जूझ रही है, सरफराज का यह घरेलू प्रदर्शन चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर को दोबारा सोचने पर मजबूर कर सकता है। सरफराज ने साफ कर दिया है कि वह इंतजार नहीं, बल्कि मौके के हकदार हैं।
